- बसंत पंचमी की चूनर पहनाऐं

बसंत पंचमी की चूनर पहनाऐं

गणतंत्र पर तिरंगा सारी दुनिया में फहराऐं।
भारत मां को बसंत पंचमी की चूनर पहनाऐं।

भरी जवानी में आजादी देकर चले गए जो, 
अपनी सारी उम्र वतन को देकर चले गए वो।
भारत मां के उन लालों को आओ शीश नवाऐं।
छोड़ गुलामी की भाषा हम हिंदी को अपनाऐं,

गणतंत्र पर तिरंगा सारी दुनिया में फहराऐं।

देश के युवा दूर जा रहे हैं अपनी संस्कृति से,
झूम झूम कर लिपट रहे हैं पाश्चात्य विकृति से।
उन्हें नशीली चकाचौंध के घर से बाहर लाऐं,
गीता,रामायण की पावन खुशबू से महकाऐं।

गणतंत्र पर तिरंगा सारी दुनिया में फहराऐं।

खुशहाली की हरियाली निर्धन पौधों पर आये,
नफरत का मौसम मेरे भारत में कभी ना आए।
बैर भाव को छोड़ प्रेम से सबको गले लगाऐं।
मन राधा,तन कृष्ण वतन को गोकुल धाम बनाएं।

गणतंत्र पर तिरंगा सारी दुनिया में फहराऐं।
भारत मां को बसंत पंचमी की चूनर पहनाऐं।

गीतकार-अनिल भारद्वाज एडवोकेट ग्वालियर

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