- मायावती इं‎डिया से बाहर रहती हैं तो बीजेपी का मिशन-80 हो सकता है कामयाब


लखनऊ । य‎दि बीजेपी को अपने मिशन- 80 को पूरा करना है तो मायावती विपक्षी गठबंधन इं‎डिया से दूर रहेंगी तब यह होगा। जानकार बताते हैं ‎कि य‎दि मायावती अलग रहती हैं तो जहां-जहां सपा अपने उम्मीदवार उतारेगी वहां-वहां ‎त्रिकोणीय मुकाबला होगा। इससे बीजेपी को बड़ा फायदा ‎मिलेगा, और राह आसान होगी। यही वजह है ‎कि बीजेपी के खिलाफ बन रहे इं‎डिया गठबंधन में यदि मायावती शामिल नहीं होती हैं तो फिर पार्टी का ये दावा लगभग हकीकत बनता दिख रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव के आंकड़े भी इसकी गवाही दे रहे हैं।

कानों देखी:बसपा प्रमुख मायावती न तो इस बैठक में गईं और न ही उसमें, क्या  लेंगी एकला चलो का निर्णय - Bsp Chief Mayawati Neither Went To This Meeting  Nor In That,

 

2024 का लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने के मायावती के एलान से लोकसभा की ज्यादातर सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला होगा। सपा और बसपा के वोट बंटने के कारण बीजेपी की राह आसान होती जायेगी। यहां गौरतलब है ‎कि 2014 में इसी गणित ने बीजेपी को 73 सीटों पर विजय दिलाई थी। इसमें दो सीटें उसकी सहयोगी अपना दल (एस) की थीं। इस दावे की सच्चाई देखने के ‎लिए साल 2014 के लोकसभा चुनाव के आंकड़े देखने होंगे ‎जिसमें बीजेपी को सिर्फ 7 सीटों पर हार मिली थी लेकिन, 2019 में सपा और बसपा के साथ लड़ने से बीजेपी 16 सीटों पर हार गयी। अब उसके लिए बड़ी चुनौती हारी हुई इन सीटों पर इस बार पताका फहराना है। 

Mayawati on Diwali 2022: बसपा प्रमुख मायावती ने दी दीपावली, गोवर्धन पूजा  तथा भैया दूज की शुभकामना - BSP President Mayawati on Diwali 2022 Mayawati  wished all Happy Diwali and Other Festivals

बीजेपी के पक्षकार बताते हैं ‎कि बसपा के अलग लड़ने से उसकी ये राह आसान हो रही है। आजमगढ़ और रामपुर पार्टी उपचुनाव में जीत ही चुकी है। नजीर के तौर पर पिछले साल आजमगढ़ में हुए उपचुनाव के नतीजों को ही देख लें। आजमगढ़ में बीजेपी के दिनेश लाल यादव निरहुआ को 3 लाख 12 हजार 768 वोट मिले थे। सपा के धर्मेंद्र यादव को 3 लाख 4 हजार 89 वोट मिले लेकिन, बसपा के गुड्डू जमाली को मिले 2 लाख 60 हजार वोटों ने बीजेपी को जीता दिया। निरहुआ साढ़े 8 हजार वोटों से जीत गये। दूसरी नजीर गाजीपुर सीट है। 2014 में बीजेपी के मनोज सिन्हा ने इसे 32 हजार वोटों से जीता था। तब बसपा को 2 लाख 41 हजार और सपा को 2 लाख 74 हजार वोट मिले थे। यानी त्रिकोणीय मुकाबले में बीजेपी को फायदा मिला। 

पहली बार उपचुनाव में उतरीं मायावती 5 सवालों के जवाब दे रही हैं - Reason why  Mayawati decided to contest Uttar Pradesh bypolls solo after breaking  alliance with Akhilesh Yadav

ये भी जानिए...................

- मप्र कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला का आरोप

इसी तरह पश्चिमी यूपी की एक सीट बिजनौर भी अच्छा उदाहरण है। 2014 में सपा और बसपा अलग-अलग थीं तो बीजेपी के कुंवर भतेन्द्र सिंह ने ये सीट 2 लाख से ज्यादा मार्जिन से जीता था। तब उन्हें 4 लाख 86 हजार, सपा के शाहनवाज राणा को 2 लाख 81 हजार और बसपा के मलूक नागर को 2 लाख 30 हजार वोट मिले थे। 2019 में कुंवर भतेन्द्र सिंह 70 हजार वोटों से बसपा के मलूक नागर से हार गये। ये हाल तब रहा जब उन्हें 2019 में 2014 से ज्यादा वोट मिले थे। संभल की सीट भी ऐसी ही है। 2014 में बीजेपी के सत्यपाल सिंह ने 5 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी लेकिन, 2019 में सपा-बसपा के साथ लड़ने से बीजेपी को यहां पौने दो लाख वोटों से शिकस्त मिली। 

BSP President Mayawati: लगातार बढ़ती महंगाई पर मायावती बेहद चिंतित, बोलीं-  अंकुश लगाने का उपाय करें सरकारें - BSP President Mayawati BSP Chief Mayawati  Mayawati very worried about the ...

Comments About This News :

खबरें और भी हैं...!

वीडियो

देश

इंफ़ोग्राफ़िक

दुनिया

Tag

hacklink satın al meritking meritking giriş meritking güncel giriş perabet perabet perabet giriş deneme bonusu deneme bonusu veren siteler matbet matbet giriş matbet güncel giriş betsat betsat giriş betsat güncel giriş perabet perabet giriş perabet güncel giriş kingroyal kingroyal giriş kingroyal güncel giriş vaycasino vaycasino giriş vaycasino güncel giriş jojobet superbetin matbet jojobet deneme bonusu deneme bonusu veren siteler holiganbet holiganbet giriş Superbetin superbetin giriş superbetin güncel giriş süperbetin aresbet aresbet giriş perabet perabet giriş milanbahis milanbahis giriş milanbahis milanbahis giriş holiganbet holiganbet giriş holiganbet holiganbet giriş jojobet jojobet giriş alobet alobet giriş casibom casibom giriş milanbahis milanbahis giriş