हैदराबाद । ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने तेलंगाना में अपनी सात सीटें बरकरार रखीं, लेकिन उनमें से दो को खोने के करीब पहुंच गई। विश्लेषण में पता चला कि यहां पर पार्टी को वोट शेयब बहुत कम हो गया है। यहां पर एआईएमआईएम के उम्मीदवारों ने दो निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की, जबकि पांच अन्य क्षेत्रों में भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की। एआईएमआईएम, जिसे एमआईएम भी कहा जाता है, ने उन सीटों को बरकरार रखा जो वह 2009 से जीत रही थी। यहा बीआरएस की एक सहयोगी पार्टी भी ह। तेलंगाना में इसने नौ सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि हैदराबाद और राज्य के बाकी हिस्सों में बीआरएस का समर्थन किया था।
इस बार पार्टी का वोट शेयर 2018 में 2.71 प्रतिशत से घटकर 2.22 प्रतिशत हो गया। एमआईएम ने पिछले चुनाव में आठ के मुकाबले इस बार नौ सीटों पर चुनाव लड़ा था। असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली पार्टी को 2018 में आठ खंडों में 5,61,091 के मुकाबले सभी नौ निर्वाच क्षेत्रों में 5,19,379 वोट मिले। इनके उम्मीदवारों ने याकूतपुरा और नामपल्ली निर्वाचन क्षेत्रों में सफलता हासिल की। पार्टी ने पुराने शहर याकूतपुरा को केवल 878 वोटों से बरकरार रखा।
यहां पर एआईएमआईएम के जाफर हुसैन को 46,153 वोट मिले, जबकि मजलिस बचाओ तहरीक (एमबीटी) के उम्मीदवार अमजेदुल्ला खान को 45,275 वोट मिले। भाजपा के एन. वीरेंद्र बाबू यादव 22,354 के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एमआईएम उम्मीदवार कई राउंड में पीछे चल रहे थे और एक समय ऐसा लग रहा था कि पार्टी सीट हार जाएगी। बता दें कि 2018 में सैयद अहमद पाशा कादरी ने लगभग 47,000 वोटों के अंतर से सीट बरकरार रखी थी। एमआईएम को जैसी कि उम्मीद थी, नामपल्ली में कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा। ग्रेटर हैदराबाद के पूर्व मेयर मोहम्मद माजिद हुसैन कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद फिरोज खान के खिलाफ केवल 2,037 वोटों के अंतर से चुने गए। माजिद हुसैन को 62,185 वोट मिले जबकि फिरोज खान को 60,148 वोट मिले।
वहीं बीआरएस उम्मीदवार आनंद कुमार गौड़ को 15,420 वोट मिले। असदुद्दीन ओवैसी ने आरएसएस नेता पर कांग्रेस उम्मीदवार की जीत के लिए प्रचार का आरोप लगाया था। शहर के मध्य में स्थित निर्वाचन क्षेत्र में तनावपूर्ण लड़ाई देखी गई। फ़िरोज़ खान 2009 से नामपल्ली से हर चुनाव लड़ रहे हैं और दूसरे स्थान पर रहे हैं। 2018 में वह एमआईएम उम्मीदवार से 9,675 वोटों से हार गए। असदुद्दीन औवेसी के भाई अकबरुद्दीन औवेसी ने 81,668 वोटों के अंतर से चंद्रयानगुट्टा सीट बरकरार रखी।