अयोध्या । जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा है कि जो मस्जिद मंदिर तोड़कर बनाई जाए वह हमें स्वीकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भी साबित हुआ था कि अयोध्या में मंदिर तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई गई थी, लेकिन अब मस्जिद तोड़कर मंदिर बनाया जा रहा है। आस्था की बुनियाद पर यह फैसला दिया गया था। हम 70 सालों से इस बात की लड़ाई न्यायालय में लड़ रहे थे कि यह बाबरी मस्जिद है। इसे मंदिर तोड़कर नहीं बनाया है।
उन्होंने कहा कि जो इल्जाम बाबर पर लगे थे कि उसने राम मंदिर तोड़कर बाबरी मस्जिद बनाई है। आज वही इल्जाम मौजूद लोगों पर लगे हैं कि उन्होंने मस्जिद तोड़कर राम मंदिर बना लिया। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद बाबर तो इस इल्जाम से बरी हो गया था।
जमीयत उलेमा की बैठक में पहुंचे अरशद मदनी ने कहा कि अब तक लोग बाबर को कहा करते थे कि उसने मंदिर तोड़कर मस्जिद बनवाई थी लेकिन अब लोग इन लोगों को कहेंगे। उनका कहना है कि हम लोग अयोध्या में खुश हैं। हम पिछले 50 सालों से लड़ रहे थे और कोर्ट ने भी माना कि यहां पर मंदिर तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई गई थी। हमें भी मंदिर तोड़कर बनाई गई मस्जिद कबूल नहीं है। मदरसों की जांच पर अरशद मदनी ने कहा कि जो मदरसे सरकारी पैसा खा रहे हैं उनकी जांच हो रही है। अगर कहीं से भी विदेश से फंडिंग हो रही है तो इसका सबूत दिया जाना चाहिए। हमारे हिंदुस्तान में पैसे की कोई कमी नहीं है और सारी फंडिंग यहीं से हो रही है।