सिडनी । पूर्व कप्तान स्टीव वॉ के बाद अब ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के कप्तान पैट कमिंस ने भी टेस्ट क्रिकेट की घटती लोकप्रियता पर चिन्ता जतायी है। कमिंस के अनुसार इससे टेस्ट क्रिकेट का भविष्य ही खतरे में पड़ गया है। कमिंस ने कहा कि आज जितने लोग टेस्ट क्रिकेट देखने आ रहे हैं। दो दशक पहले उनकी तादाद काफी अधिक थी।
उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि दस साल या 20 साल में यह अब से भी ज्यादा मजबूत होगा। साथ ही कहा , ‘हमने पाकिस्तान के खिलाफ इससे पहले जो दो टेस्ट मैच खेले थे, उसमें अच्छी समर्थन वाली बड़ी भीड़ थी जिससे हमारा हौंसला बढ़ा है। गौरतल है कि टेस्ट क्रिकेट की अनदेखी को लेकर तब सवाल उठे थे। जब दक्षिण अफ्रीका ने अगले माह न्यूजीलैंड में होने वाली अपनी दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए दूसरे दर्जे की टीम भेजने की घोषणा की थी। इसका कारण ये था कि दक्षिण अफ्रीका के अधिकतर अनुभवी खिलाड़ी लीग क्रिकेट खेलने के कारण टेस्ट सीरीज से बाहर हो गये थे।
दक्षिण अफ्रीका की इस 14 सदस्यीय टीम में सात कैप्ड और सात अनकैप्ड खिलाड़ी हैं, इस टीम में 15 टेस्ट खेलने वाले डुआने ओलिवर सबसे अनुभवी हैं। कमिंस ने उम्मीद जताई कि न्यूजीलैंड में दूसरे दर्जे की टीम भेजने का दक्षिण अफ्रीका का फैसला केवल एक बार के लिए ही होगा। उन्होंने कहा, ‘मैं टेस्ट क्रिकेट को बेहद पसंद करते हुए बड़ा हुआ हूं। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह कई चरणों से गुजरता है। मुझे पता है
कि दक्षिण अफ्रीकी टीम अपना सबसे मजबूत पक्ष न्यूज़ीलैंड नहीं भेज रही है। मुझे उम्मीद है कि अगली बार ऐसा नहीं होगा।
उन्होंने कहा, ‘एक टेस्ट क्रिकेट प्रेमी के रूप में, मैं चाहता हूं कि हर कोई टेस्ट क्रिकेट देख रहा हो, लेकिन मैंने आज तक क्रिकेट को इससे अधिक मजबूत कभी नहीं देखा है। कमिंस ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया में हर गर्मी पिछली गर्मियों से बड़ी लगती है, लेकिन जाहिर तौर पर विदेशों में जाकर ऐसा नहीं होता। वहीं इससे पहले वॉ ने भी कहा था कि आईसीसी और अन्य बोर्ड टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण कई क्रिकेट बोर्ड टेस्ट के लिए कमजोर टीम भेज रहे हैं। जिससे बेहतर खिलाड़ियों को लीग क्रिकेट के लिए भेजा जा सके।