नई दिल्ली । सड़क दुर्घटना के बाद मौके से भाग जाने के मामलों में कड़ी सजा के प्रावधान के खिलाफ ट्रक चालकों की हड़ताल से दिल्ली की मंडियों में सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं। कारोबारियों ने आपूर्ति प्रभावित होने के कारण राष्ट्रीय राजधानी में सब्जियों की कीमतों में 10-15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कई थोक बाजारों में टमाटर, प्याज और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों की कीमतें पांच से सात रुपये प्रति किलो तक बढ़ गई हैं।
एशिया की सबसे बड़ी फल और सब्जी मंडी आजादपुर के थोक व्यापारी संजय भगत ने कहा कि अभी तक ट्रक ड्राइवरों के विरोध के कारण दिल्ली में सब्जियों की आपूर्ति नहीं रुकी है, लेकिन ट्रक चालकों की हड़ताल के कारण आपूर्ति में कमी आई है। इससे थोक बाजारों तक सामान के पहुंचने में देरी हो रही है। व्यापारियों ने कहा कि ट्रक चालकों की हड़ताल का शहर के थोक बाजारों पर पूरा असर मंगलवार (2 दिसंबर) रात तक दिखेगा। अगर यही स्थिति रही तो दिल्ली के बाहर सब्जी भेजने पर भी असर पड़ सकता है।
इसके परिणामस्वरूप दूसरे राज्यों में कीमतें बढ़ सकती हैं। भगत ने कहा कि हड़ताल के कारण आजादपुर मंडी में पिछले चार दिन की तुलना में मंगलवार को सब्जियों की कम आपूर्ति हुई। हालांकि, कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। ट्रक चालकों के विरोध के कारण छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों के दूरदराज से आने वाली सब्जियों की आपूर्ति लगभग पांच या छह घंटे तक प्रभावित हुई हैं।
आजादपुर मंडी बाजार के एक अन्य व्यापारी ने कहा कि ट्रक चालकों के विरोध के कारण उनके ट्रक बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप कृषि उपज की लागत में मामूली वृद्धि हुई है। इस बीच, ट्रक चालकों की हड़ताल पर गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों की गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ सफल बैठक हुई है। सरकार और ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने चालकों से काम पर लौटने की अपील की है। ट्रक चालक के प्रतिनिधियों ने कहा कि नया कानून अभी लागू नहीं हुआ है और अगर उन्हें कोई चिंता है तो सरकार उस पर खुले दिल से विचार करेगी।