इसमें निजी 34 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन भी प्रभावित होगी। इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल सिविल कास्ट 522 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इस पूरे बाइपास पर एक टोल प्लाजा भी रहेगा, जो सौंजना गांव में बनेगा। इसके साथ ही पनिहार पर रेलवे ओवरब्रिज, फ्लाईओवर, सर्विस रोड, एनिमल अंडर पास व बाक्स क्रासिंग भी बनाया जाना प्रस्तावित हैं। पिछले दिनों जमीनों को लेकर जो विवाद सामने आ रहे थे वह संयुक्त भ्रमण के बाद हल कर दिए गए हैं। अब भूमि अधिग्रहण का काम जारी है इसके बाद एनओसी आते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। वेस्टर्न बाइपास तैयार होने से एक बड़ा विकल्प सीधे शहर के ट्रैफिक से बचाते हुए पहुंचने का मिल सकेगा।
यह ईस्टर्न हाइवे को जोडऩे वाला बाइपास होगा जिसके बाद ग्वालियर में एक रिंग रोड तैयार हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट में फारेस्ट और वाइल्ड लाइफ की स्वीकृति भी आ गई है। बता दें कि पुरानी छावनी से तिघरा के गांव होते हुए नया गांव पनिहार तक वेस्टर्न बाइपास का निर्माण किया जा रहा है।