बल्कि मन न लगने के कारण पंजीयन के बाद अपने माता-पिता के साथ वापस अपने घर चली गई है। मामले में आगे सत्यापन सहित अन्य बिदुंओ पर भी जॉच की जा रही है। एसपी ने यह भी बताया कि मामले में शुरुआती जांच में चाइल्ड लाइन की शिकायत पर किशोर न्याय अधिनियम का मामला कायम किया गया है। आगे की जॉच में सामने आये तथ्यो के आधार पर कार्यवाही तय की जायेगी।जानकारी के अनुसार बच्चियों के लापता होने का खुलासा तब हुआ जब 4 जनवरी शुक्रवार को राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो समेत राज्यबाल आयोग की टीम ने आश्रम का निरीक्षण किया। निरीक्षण किये जाने के दौरान सामने आया कि यहॉ 68 बच्चियों के नाम निवास करने के तौर पर दर्ज हैं
, लेकिन निरीक्षण के दौरान 41 बच्चियां ही मिलीं, जबकि 26 बच्चियां गायब हैं। इसके बाद राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष ने मुख्य सचिव वीरा राणा को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा। आयोग के निर्देश के बाद परवलिया सड़क थाना पुलिस ने किशोर न्याय अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच कर शुरू कर दी है। बालगृह में जो बच्चे-बच्चियां मिली हैं वह गुजरात, राजस्थान और झारखंड और अन्य प्रदेशों की हैं। किशोरियो के लापता होने पर बाल आयोग के अध्यक्ष ने इन बच्चियो का धर्मांतरण कराए जाने की आशंका जताई है।
बाल कल्याणस समिति के आदेश के बिना ही बच्चियों को चाइल्ड इन स्ट्रीट सिचुऐशन से रेस्क्यू कर बिना बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत किए बालगृह में रखा जा रहा है। यह बालगृह पूर्व में रेलवे चाइल्ड लाइन चलाने वाली संस्था संचालित कर रही है। प्रियंक कानूनगो का कहना है कि बालगृह के अधीक्षक अनिल मैथ्यू, साथी निशा तिर्की, नमिता व अन्य द्वारा इसे संचालित किया जा रहा है। मामले को लेकर पूर्व सीएम ने शिवराज सिहं चौहाने ने सोशल मीडीया पर पोस्ट कर कहा कि, भोपाल के परवलिया थाना क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित बालगृह से 26 बालिकाओं के गायब होने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। उन्होंने आगे कहा, मामले की गंभीरता तथा संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार से संज्ञान लेने एवं त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं।