मुंबई । महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह और उनकी पार्टी के नेता 22 जनवरी को नासिक के कालाराम मंदिर के दर्शन और गोदावरी नदी के किनारे ‘महा आरती करुंगा। ठाकरे को 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए अभी तक कोई निमंत्रण नहीं मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी मां दिवंगत मीना ठाकरे को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कहा कि जब भी उनका मन करेगा तब वह अयोध्या जाएंगे। उन्होंने कहा, अयोध्या के राम मंदिर का अभिषेक गौरव और आत्म-सम्मान का विषय है।
नासिक के पंचवटी इलाके में स्थित कालाराम मंदिर भगवानराम को समर्पित है। मंदिर को काले रंग के पत्थर से बनी भगवान राम की मूर्ति के लिए यह नाम मिला। ऐसा माना जाता है कि भगवान राम वनवास के दौरान अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ पंचवटी में रहे थे। डॉ. आंबेडकर ने 1930 में कालाराम मंदिर में दलितों के प्रवेश की मांग कर मंदिर परिसर में एक प्रदर्शन की अगुवाई की थी।
ठाकरे ने कहा कि 23 जनवरी को उनके पिता और शिवसेना संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे की जयंती पर पार्टी नासिक में एक रैली करेगी। उन्होंने कहा था, ‘‘मुझे अभी तक कोई निमंत्रण नहीं मिला है और मुझे अयोध्या जाने के लिए किसी निमंत्रण की जरूरत नहीं है क्योंकि राम लल्ला सभी के हैं। जब भी मेरा मन होगा तब मैं जाऊंगा। शिवसेना ने राम मंदिर आंदोलन में काफी योगदान दिया था।