अयोध्या । अयोध्या में बन रहे भगवान रामलला के मंदिर की मजबूती और खासियत जानकर भी आप हैरान हो जाएंगे। मंदिर को इतनी मजबूती से बनाया जा रहा है कि आने वाले हजारों साल तक मंदिर वैसे का वैसा बना रहे। वैज्ञानिक तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। वहीं देश के बड़े संस्था के इंजीनियर भी राम मंदिर में अपना योगदान दे रहे हैं। मंदिर को पत्थरों से बनाया जा रहा है। कहीं पर भी लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। इतना ही नहीं सरयू की जलधारा से मंदिर को कोई प्रभाव न पड़े इसका भी ध्यान राम मंदिर बनाने वाली संस्थाओं ने रखा है। राम मंदिर के चारों ओर रिटेनिंग वॉल की मोटी चादर बिछाई गई है।
मंदिर की लंबाई 380 फिट है, चौड़ाई भी 250 फिट है और मंदिर की ऊंचाई 161 फीट रखी गई है। मंदिर तीन मंजिला बनाया जा रहा है। प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई भी 20 फिट है। अयोध्या के राम मंदिर में 44 दरवाजे लगाए जाएंगे। जिसमें से 18 दरवाजे सोने से जड़ित है। इसके अलावा मंदिर में 392 खंबे हैं, खंभे पर भी देवी देवताओं की मूर्तियां बनाई जाएगी। अयोध्या में हो रहे राम मंदिर के निर्माण में भारतीय परंपरा अनुसार और स्वदेशी तकनीक से निर्माण किया जा रहा है। पर्यावरण जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर परिसर का 70 प्रतिशत हिस्सा हरित भी रहेगा। इसके साथ ही मंदिर में किसी प्रकार की नमी न हो नमी से मंदिर को कोई प्रभाव न पड़े। इस लेकर जमीन में लगभग 21 फीट ऊंची प्लिंथ ग्रेनाइट से बनाई गई है। मंदिर के नीचे 14 मीटर मोटी आरसीसी बिछाई गई है। जिसे कृत्रिम चट्टान का रूप भी दिया गया है।
पूरा मंदिर पत्थर और कांक्रीट से बनाया जा रहा है। अगर 8.0 तीव्रता से भूकंप भी आता है। तब भी मंदिर का कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रभु राम के मंदिर के साथ-साथ जटायु का मंदिर भगवान शंकर का मंदिर महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त, निषादराज, माता शबरी, देवी अहिल्या का भी मंदिर बनाया जाएगा। इसके साथ ही पर कोटे में सूर्य देव, माता भगवती, गणपति,
भगवान शंकर को समर्पित कर और मंदिर बनाए जाएंगे। जिसमें माता अन्नपूर्णा हनुमान जी के भी मंदिर स्थित रहने वाले हैं। मंदिर परिसर में ही श्रद्धालुओं के लिए स्नान घर शौचालय की भी सुविधा रहेगी। इसके साथ ही 25000 यात्रियों की क्षमता वाले एक दर्शनार्थ सुविधा केंद्र का भी निर्माण किया जा रहा है। जहां दर्शनार्थ का सामान रखने के लिए लॉकर और मेडिकल की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा मंदिर परिसर में ही सीवर ट्रीटमेंट प्लांट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट अग्निशमन के लिए जल व्यवस्था तथा स्वतंत्र पावर स्टेशन का भी निर्माण किया गया है। दिव्यांगजन तथा बुजुर्गों के लिए राम मंदिर में रैंप व लिफ्ट की भी व्यवस्था की जाएगी।