- उत्तर प्रदेश में 69,000 टीचर भर्ती मामले में 16 दिसंबर को एक अहम सुनवाई होगी, जिससे OBC उम्मीदवारों में काफी उम्मीदें जगी हैं।

उत्तर प्रदेश में 69,000 टीचर भर्ती मामले में 16 दिसंबर को एक अहम सुनवाई होगी, जिससे OBC उम्मीदवारों में काफी उम्मीदें जगी हैं।

आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने कोर्ट में सरकार पर ज़िम्मेदारी से बचने और इस मुद्दे पर कोई एक्टिव अप्रोच न दिखाने का आरोप लगाया।

उत्तर प्रदेश में 2018 के 69,000 शिक्षक भर्ती मामले में एक अहम सुनवाई 16 दिसंबर को दोपहर 12 बजे होनी है। कॉज़ लिस्ट जारी कर दी गई है। पिछली सुनवाई 18 नवंबर को हुई थी और लगभग एक घंटे तक चली थी। माना जा रहा है कि इस मामले का समाधान जल्द ही निकल जाएगा। OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) कैटेगरी के उम्मीदवार इस मामले को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नीति का ठीक से पालन नहीं किया गया, जिससे हज़ारों योग्य उम्मीदवारों को नुकसान हुआ है।

आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने कोर्ट में सरकार पर ज़िम्मेदारी से बचने और इस मुद्दे पर कोई एक्टिव अप्रोच न दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवार लगभग पाँच साल से इस मुद्दे से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, सरकार को इस मामले को तीन महीने के अंदर सुलझाना था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इससे उम्मीदवारों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार के वकीलों से आग्रह किया कि वे 16 दिसंबर की सुनवाई में आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपना पक्ष रखें, ताकि जल्द से जल्द समाधान निकल सके।

भर्ती प्रक्रिया 2018 में शुरू हुई
यह ध्यान देने वाली बात है कि यह भर्ती प्रक्रिया 2018 में शुरू हुई थी। आरोप है कि जब नतीजे घोषित किए गए, तो आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों के साथ बड़े पैमाने पर अन्याय हुआ और उन्हें नौकरियाँ नहीं दी गईं। लंबे आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया के बाद, 13 अगस्त, 2024 को लखनऊ हाई कोर्ट की डबल बेंच ने फैसला सुनाया और आदेश दिया कि उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार नियुक्तियाँ दी जाएँ। हालांकि, कुछ सामान्य कैटेगरी के उम्मीदवारों ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की, और तब से यह मामला वहीं लंबित है।

विपक्षी दलों ने आरोप लगाए
विपक्षी दलों ने भी इस मामले में BJP सरकार पर आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। इसके अलावा, प्रभावित छात्रों ने कई बार मंत्रियों का घेराव भी किया है। माना जा रहा है कि इस मामले का समाधान जल्द ही हो सकता है।

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