- बॉम्बे हाई कोर्ट ने पलाश मुच्छल की मानहानि याचिका पर कड़ा रुख अपनाया, प्रोड्यूसर विद्यान माने को कोई भी बयान देने से रोका

बॉम्बे हाई कोर्ट ने पलाश मुच्छल की मानहानि याचिका पर कड़ा रुख अपनाया, प्रोड्यूसर विद्यान माने को कोई भी बयान देने से रोका

बॉम्बे हाई कोर्ट ने प्रोड्यूसर विद्यान माने को कथित तौर पर बदनाम करने वाले कमेंट करने से रोक दिया है और दो हफ़्ते में जवाब मांगा है।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार स्मृति मंधाना से जुड़े एक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए, बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनकी दोस्त विद्यान माने को कोई भी कथित तौर पर बदनाम करने वाला कमेंट करने से रोक दिया है। यह अंतरिम आदेश मशहूर म्यूज़िशियन और फ़िल्ममेकर पलाश मुच्छल द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे की सुनवाई के दौरान जारी किया गया। यह मामला फ़ाइनेंशियल धोखाधड़ी के आरोपों और पलाश मुच्छल की पर्सनल लाइफ़ के बारे में गंभीर दावों से जुड़ा है। माने ने आरोप लगाया कि पलाश मुच्छल ने उनसे लगभग 40 लाख रुपये लिए थे और पैसे वापस नहीं किए। माने ने सोशल मीडिया और दूसरे प्लेटफ़ॉर्म पर पलाश के पर्सनल रिश्तों के बारे में भी बयान दिए, जिन्हें मुच्छल ने पूरी तरह से झूठा और बदनाम करने वाला बताया।

पलाश मुच्छल के मानहानि मुकदमे पर नया अपडेट
पलाश मुच्छल के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि आरोप बिना किसी ठोस सबूत के लगाए गए थे। इन आरोपों से उनकी पर्सनल रेप्युटेशन, सोशल इमेज और प्रोफ़ेशनल करियर को गंभीर नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पब्लिक प्लेटफॉर्म पर बार-बार ऐसे बयान दिए जा रहे हैं, जिससे उन्हें मेंटल और सोशल हैरेसमेंट हो रहा है।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने विद्यान के बयान पर रोक लगाई
मामले की सुनवाई करते हुए, बॉम्बे हाई कोर्ट ने पहली नज़र में माना कि अगर ऐसे आरोपों को नहीं रोका गया, तो इनसे ऐसा नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। इसी के आधार पर, कोर्ट ने विद्यान माने को आदेश दिया कि वह पलाश मुच्छल के खिलाफ किसी भी प्लेटफॉर्म पर कोई भी आपत्तिजनक, बदनाम करने वाला या बिना सबूत वाला बयान न दें या पब्लिश न करें। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि बोलने की आज़ादी के नाम पर किसी की इज़्ज़त को नुकसान पहुँचाने की इजाज़त नहीं है, खासकर तब जब आरोपों को सपोर्ट करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश न किया गया हो।

पलाश मुच्छल ने विद्यान माने पर गंभीर आरोप लगाए
पलाश मुच्छल ने इस मामले में विद्यान माने के खिलाफ ₹10 करोड़ का मानहानि का केस भी किया है। हाई कोर्ट ने माने को दो हफ़्ते के अंदर अपना जवाब फाइल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च, 2026 को होनी है।

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