- RBI ने एक सरकारी बैंक और चार संस्थाओं पर भारी जुर्माना लगाया, जानें क्यों की गई कड़ी कार्रवाई

RBI ने एक सरकारी बैंक और चार संस्थाओं पर भारी जुर्माना लगाया, जानें क्यों की गई कड़ी कार्रवाई

सेंट्रल बैंक ने इन सभी बैंकों पर अलग-अलग वजहों और लापरवाही की वजह से भारी जुर्माना लगाया है। ये जुर्माना मुख्य रूप से रेगुलेटरी कमियों पर आधारित है।

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने रेगुलेटरी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने के लिए कई बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों पर मॉनेटरी पेनल्टी लगाई है। सेंट्रल बैंक की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक, पब्लिक सेक्टर के बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र पर ₹32.50 लाख, DCB बैंक पर ₹29.60 लाख और CSB बैंक पर ₹63.60 लाख की पेनल्टी लगाई गई। इसके अलावा, नवी फिनसर्व पर ₹3.80 लाख और IIFL फाइनेंस पर ₹5.30 लाख की पेनल्टी लगाई गई।

कार्रवाई क्यों की गई?
बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र के खिलाफ कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि बैंक क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों को सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) मेंबर्स से जुड़ा मेंबर-लेवल डेटा देने में फेल रहा। इसके अलावा, कुछ अकाउंट्स के असली बेनिफिशियरी ओनर्स की ठीक से पहचान नहीं की गई थी। CSB बैंक के मामले में, RBI ने पाया कि बैंक ने बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स के साथ ऐसी एक्टिविटीज़ अरेंज कीं जो उनके तय दायरे से बाहर थीं। इसके अलावा, कुछ सेविंग्स अकाउंट पर फीस लेते समय कस्टमर्स को पहले से साफ-साफ नहीं बताया गया था।

इन बैंकों ने ये गलतियां कीं
DCB बैंक पर कुछ नॉन-एग्रीकल्चरल गोल्ड लोन अकाउंट के लिए तय लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेश्यो का पालन न करने के लिए पेनल्टी लगाई गई। वहीं, IIFL फाइनेंस लोन रीस्ट्रक्चरिंग के दौरान कुछ अकाउंट को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) के तौर पर क्लासिफाई करने में फेल रहा। वहीं, नवी फिनसर्व पर बकाया वसूलने के लिए गलत समय पर कस्टमर्स से कॉन्टैक्ट करने और मैसेज भेजते समय तय प्रोटोकॉल का पालन न करने का आरोप है।

रिजर्व बैंक ने साफ किया कि ये पेनल्टी रेगुलेटरी कमियों के आधार पर लगाई गई थीं। इनका मकसद बैंकिंग और फाइनेंशियल सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी और कम्प्लायंस पक्का करना है, न कि कस्टमर्स के साथ किए गए किसी भी ट्रांजैक्शन की वैलिडिटी पर सवाल उठाना।

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