- क्या आजम खान और अब्दुल्ला की सजा बढ़ सकती है? दो पैन कार्ड का मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचा।

क्या आजम खान और अब्दुल्ला की सजा बढ़ सकती है? दो पैन कार्ड का मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचा।

आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला के खिलाफ दो PAN कार्ड मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट में आज एक पिटीशन फाइल की गई। अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी।

समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान के खिलाफ दो PAN कार्ड मामले की कानूनी लड़ाई अब इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंच गई है। शिकायत करने वाले नवाब काजिम अली खान उर्फ ​​नवेद मियां ने रामपुर स्पेशल MP/MLA कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें आजम परिवार की सजा बढ़ाने की उनकी पिटीशन खारिज कर दी गई थी।

हाई कोर्ट में सुनवाई
मंगलवार को जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच के सामने इस पिटीशन पर अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान, आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान की तरफ से सीनियर वकील एन.आई. जाफरी ने अपना केस पेश करने के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी फाइल करने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने यह रिक्वेस्ट मान ली और अगली सुनवाई के लिए 27 फरवरी, 2026 की तारीख तय की।

पिटीशन क्यों फाइल की गई?

यह पूरा विवाद अब्दुल्ला आजम के पास दो अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो PAN कार्ड होने से जुड़ा है। रामपुर की निचली अदालत इस मामले में आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म को पहले ही सज़ा सुना चुकी है। नवाब काज़िम अली खान ने सज़ा बढ़ाने की मांग करते हुए रामपुर MP/MLA कोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन पिटीशन फाइल की थी। 16 जनवरी, 2026 को रामपुर कोर्ट ने काज़िम अली की रिक्वेस्ट खारिज कर दी थी। अब उन्होंने इस ऑर्डर के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

पिटीशन में मांगें:

नवाब काज़िम अली खान ने BNSS के सेक्शन 528 के तहत एक पिटीशन फाइल की है, जिसमें मांग की गई है:

स्पेशल जज, MP/MLA कोर्ट द्वारा 16 जनवरी, 2026 को क्रिमिनल रिवीजन पिटीशन खारिज करने का जो ऑर्डर पास किया गया था, उसे रद्द किया जाए।

रामपुर में एडिशनल सेशंस जज (MP/MLA) के सामने आज़म खान, अब्दुल्ला आज़म और सरकार द्वारा फाइल की गई पेंडिंग अपील की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।

इस पिटीशन में उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के साथ आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म को रेस्पोंडेंट बनाया गया है।

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