जाने-माने ऑस्ट्रेलियाई थिंक-टैंक, लोवी इंस्टीट्यूट के एक सर्वे के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में भारत के नेतृत्व पर भरोसा बढ़ रहा है। सर्वे से पता चलता है कि 50 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को भारत पर भरोसा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक छवि लगातार मजबूत हो रही है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत—जो तेजी से आर्थिक ताकत हासिल कर रहा है—पर भरोसा बढ़ रहा है। यह बात लोवी इंस्टीट्यूट के सर्वे से साफ होती है, जिसमें भारत को अमेरिका, चीन और रूस जैसे देशों की तुलना में अधिक भरोसेमंद माना गया है।
**50 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई लोगों को भारत पर भरोसा है**
23 जून को जारी लोवी इंस्टीट्यूट के सर्वे के अनुसार, 50 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भारत पर भरोसा करते हैं। इसके विपरीत, केवल 31 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई ही अमेरिका पर भरोसा जताते हैं। वहीं, चीन पर भरोसे का स्तर 28 प्रतिशत है और रूस पर भरोसा केवल 11 प्रतिशत दर्ज किया गया है। ये नतीजे वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कद और प्रभाव को दर्शाते हैं।
**4 प्रतिशत लोगों को भारत के नेतृत्व पर 'बहुत अधिक भरोसा' है**
रिपोर्ट बताती है कि 46 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों का मानना है कि भारत वैश्विक मामलों में एक जिम्मेदार भूमिका निभाएगा। इसके अलावा, 4 प्रतिशत लोगों ने भारत के नेतृत्व पर 'बहुत अधिक भरोसा' जताया। ये आंकड़े दिखाते हैं कि भारत को तेजी से एक जिम्मेदार और भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखा जा रहा है।
**अमेरिका और चीन के प्रति ऑस्ट्रेलियाई लोगों का भरोसा घटा**
लोवी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई लोग दुनिया की दो बड़ी ताकतों—अमेरिका और चीन—को लेकर पहले की तुलना में अधिक सतर्क हैं। गौरतलब है कि अमेरिका पर भरोसा घटकर 31 प्रतिशत रह गया है, जो इस सर्वे के इतिहास में दर्ज सबसे निचला स्तर है।
**आर्थिक ताकत और सक्रिय विदेश नीति के अच्छे नतीजे**
माना जाता है कि भारत की आर्थिक ताकत, सक्रिय विदेश नीति, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती भूमिका और पीएम मोदी की वैश्विक छवि ने भारत की विश्वसनीयता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया जैसे अहम साझेदार देश में भी भारत पर भरोसा लगातार बढ़ता दिख रहा है। इसके विपरीत, अमेरिका और चीन की नीतियों पर लोगों का भरोसा कम हुआ है, जैसा कि लोवी इंस्टीट्यूट के सर्वे में देखा गया है।