AIMIM की एक जनसभा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी का एक अलग ही अंदाज़ देखने को मिला। हालाँकि यह चुनाव से जुड़ा कार्यक्रम था, फिर भी ओवैसी ने अपने भाषण में मज़ाक-मस्ती और हल्की-फुल्की बातें भी शामिल कीं।
उत्तर प्रदेश के कानपुर के बाबूपुरवा इलाके में बगही ईदगाह मैदान में रविवार को हुई AIMIM की जनसभा में असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी पर्सनैलिटी का एक अनोखा पहलू दिखाया। जहाँ उन्होंने मंच का इस्तेमाल पार्टी की चुनावी रणनीति पर चर्चा करने और विरोधी पार्टियों पर निशाना साधने के लिए किया, वहीं उन्होंने शादीशुदा पुरुषों को अपनी पत्नियों के प्रति खुलकर प्यार ज़ाहिर करने की सलाह देकर माहौल को हल्का-फुल्का भी बनाया। ओवैसी ने कहा कि अगर कोई 'मजलिस' (पार्टी) से प्यार करता है, तो उसे खुलकर ज़ाहिर करना चाहिए, और इसी तरह घर में भी प्यार का माहौल बनाए रखना चाहिए।
'अपनी पत्नी से प्यार करें और मजलिस को वोट दें'
सभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार ज़ाहिर करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। मज़ाकिया अंदाज़ में उन्होंने सुझाव दिया कि इंसान को अपनी पत्नी की आँखों में देखकर दिन में कुछ बार "आई लव यू, माय डियर" कहना चाहिए—खासकर सुबह उठने पर और शाम को घर लौटने पर। ओवैसी ने कहा कि इससे घर का माहौल खुशनुमा बना रहेगा और आपसी प्यार बढ़ेगा। इसे राजनीति से जोड़ते हुए उन्होंने कहा, "अपनी पत्नी से प्यार करें और मजलिस को वोट दें।"
स्थानीय नेताओं ने भी SP और BJP पर निशाना साधा
ओवैसी के भाषण से पहले, पार्टी के स्थानीय नेताओं ने मंच से संविधान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दे उठाए। वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि देश के संविधान ने आम आदमी के लिए राजनीति में आगे बढ़ने का रास्ता बनाया है। एक वक्ता ने कहा कि एक रिक्शा चलाने वाला MLA बन सकता है, टेम्पो ड्राइवर मंत्री बन सकता है और चाय बेचने वाला देश का प्रधानमंत्री बन सकता है; उन्होंने इसे संविधान की ताकत का सबूत बताया। वहीं, विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए वक्ताओं ने कहा कि जब विपक्ष सत्ता में था, तो संविधान को लेकर कोई सवाल नहीं उठाया गया, लेकिन सत्ता बदलने के बाद ही संविधान के खतरे में होने के दावे किए जाते हैं। वक्ता ने विधायिका में ओवैसी जैसे नेता की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
**'बीजेपी की बी-टीम' वाले आरोप का जवाब**
जनसभा में AIMIM को 'बीजेपी की बी-टीम' कहे जाने का मुद्दा उठा। मंच से समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं से सवाल पूछे गए। वक्ताओं ने कहा कि जहां AIMIM पर अक्सर बीजेपी की मदद करने का आरोप लगाया जाता है, वहीं SP की रैलियों में लगाए जाने वाले नारों या उसके नेताओं के राजनीतिक संबंधों पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता। SP और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी पर लगे आरोपों का जवाब जनता सीधे देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने के लिए चुनावी मैदान में उतर रही है और उसे किसी दूसरी पार्टी से मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं है।
**जयंत चौधरी के बयान का ज़िक्र**
अपने भाषण में ओवैसी ने RLD प्रमुख जयंत चौधरी के बारे में अखिलेश यादव की कथित टिप्पणियों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने जयंत चौधरी और उनकी पत्नी के बारे में की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। ओवैसी ने कहा कि राजनीतिक विरोध एक बात है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इस व्यवहार के लिए अखिलेश यादव के अहंकार और सोच को ज़िम्मेदार ठहराया।
**'आई लव मुहम्मद' के नारे और कानपुर कैंट से चुनाव लड़ने का ऐलान**
सभा के दौरान ओवैसी ने भीड़ से "आई लव मुहम्मद" के नारे लगवाए। उन्होंने कहा कि किसी के प्रति प्यार ज़ाहिर करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। इसके बाद, उन्होंने AIMIM की चुनावी रणनीति के बारे में एक बड़ी घोषणा की और कहा कि पार्टी कानपुर कैंट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेगी। ओवैसी ने बताया कि उनकी पार्टी संभावित गठबंधन पर स्पष्टता का इंतज़ार कर रही है। उन्होंने कहा कि वह 2 अक्टूबर तक विपक्षी दलों—जिनमें SP भी शामिल है—के गठबंधन पर अपना रुख स्पष्ट करने का इंतज़ार करेंगे, जिसके बाद पार्टी अपनी आगे की कार्रवाई तय करेगी।