आचार्य प्रमोद कृष्णम ने दिल्ली में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की मेगा-रैली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल प्रधानमंत्री मोदी को एक 'चक्रव्यूह' में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री अभिमन्यु नहीं, बल्कि अर्जुन हैं।
श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'इंडिया' गठबंधन की रैली को निशाना बनाया। विपक्षी दलों की तुलना 'कौरवों' से करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक साजिश रची जा रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी अभिमन्यु नहीं, बल्कि अर्जुन हैं; इसलिए उनके इरादे कभी कामयाब नहीं होंगे।
अपनी बात रखते हुए, आचार्य प्रमोद कृष्णम ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का मकसद देश की जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना नहीं, बल्कि किसी भी तरह से सत्ता हासिल करना है। उन्होंने विपक्ष पर हिंदुओं की एकता को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि 'इंडिया' गठबंधन की रैली सिर्फ सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे देश के खिलाफ है—एक ऐसी रणनीति जो उन्हें सत्ता तक नहीं पहुंचा पाएगी।
**पीएम मोदी को 'अर्जुन' बताया**
'इंडिया' गठबंधन की रैली—जिसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और ज्ञानेश कुमार को भी निशाना बनाया गया था—पर प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने महाभारत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक 'चक्रव्यूह' में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, उन्होंने कहा कि 'कौरवों' के समान यह गठबंधन यह नहीं समझ पा रहा है कि पीएम मोदी अभिमन्यु नहीं, बल्कि अर्जुन हैं।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्षी दल अक्सर सरकार को भ्रष्ट बताते हैं, तो कभी वे सुप्रीम कोर्ट या चुनाव आयोग पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हैं।
**राहुल गांधी पर फूट डालने का आरोप**
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके साथी किसी भी तरह से सत्ता की गद्दी हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे असल में 'सनातन' परंपरा के विरोधी और हिंदुओं के दुश्मन हैं। उन्होंने दावा किया कि वे खास तौर पर हिंदू समुदाय की एकता को तोड़ने, बांटने और बिखेरने के लिए एकजुट हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत की जनता के सामने उनका असली चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। आचार्य कृष्णम ने कहा कि विपक्ष की रैली सिर्फ सरकार के खिलाफ नहीं है, बल्कि असल में यह पूरे देश के खिलाफ है। उनका मानना है कि जब तक 'सनातन' (परंपरा/आस्था) सुरक्षित और एकजुट है, तब तक विपक्ष सत्ता हासिल नहीं कर सकता।