नई दिल्ली । तीन राज्यों में मोदी का जादू जमकर बोला है, वहीं विदेशी मीडिया में भी मोदी की जमकर तारीफ हो रही है। इससे नेहरू के वंशज राहुल को बड़ा झटका लगा है। मप्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा ने धमाकेदार जीत दर्ज की है। इधर कांग्रेस को तेलंगाना में सफलता मिली है। तीनों राज्यों में मुख्य रूप से पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ी भाजपा की जीत के चर्चे विदेशी मीडिया में खूब हुए हैं। कुछ मीडिया संस्थान इसे 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा की मजबूत स्थिति बता रहे हैं वहीं, कुछ ने इसे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के लिए झटका बताया है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, हिंदी बेल्ट के तीन राज्यों में जीत के जरिए भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले अपना प्रभाव बढ़ा लिया है। ये नतीजे मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की बिगड़ती स्थिति के बीच एक ओर झटका थे। राजनीतिक जानकार आरती जेरथ के हवाले से एनवाईटी ने बताया है कि ये नतीजे 2024 में भाजपा के लिए बड़े फायदेमंद साबित होंगे।
न्ययॉर्क टाइम्स अखबार की रिपोर्ट में अयोध्या के राम मंदिर उद्घाटन का भी जिक्र है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी में अयोध्या में बड़े मंदिर उद्घाटन के जरिए मोदी के पास पहले ही बड़ा समर्थन जुटाने का एक प्लान है। इसी तरह ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में ग्लोबल डेटा टीएस लोमबार्ड की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट शुमिता देवेश्वर के हवाले से लिखा गया कि पीएम नरेंद्र मोदी असाधारण रूप से लोकप्रिय बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के नतीजे दिखाते हैं कि देश का मूड उन्हें लगातार तीसरे कार्यकाल में लाने में है। भाजपा का कमजोर प्रदर्शन विपक्ष को कुछ रफ्तार दिलाने में मदद करता, लेकिन नतीजे संकेत दे रहे हैं कि मोदी का सत्ता में आना तय है।
एक अन्य अखबार रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मोदी एक दशक बाद भी लोकप्रिय बने हुए हैं और सर्वे संकेत दे रहे हैं कि वह अगले साल फिर जीत सकते हैं। खास बात है कि रिपोर्ट में विपक्षी गठबंधन में हुई आंतरिक कलह का भी जिक्र किया गया है। वहीं एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन राज्यों में जीत ने भाजपा और लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए पहले ही लोकप्रिय बने हुए मोदी को रफ्तार दे दी है। रिपोर्ट में कहा गया कि कांग्रेस के सीधे मोदी पर व्यक्तिगत और आक्रामक प्रचार की अगुवाई कर रहे नेहरू-गांधी के वंशज राहुल गांधी के लिए ये नतीजे झटके के तौर पर देखे जा रहे हैं।
नतीजों की बात करें तो 90 सीटों वाले छत्तीसगढ़ में भाजपा ने 54 सीटें अपने नाम की। यहां कांग्रेस 35 पर समिट गई। राजस्थान में 199 में भाजपा 115 सीटें अपने नाम करने में सफल रही। जबकि, कांग्रेस की झोली में सिर्फ 69 सीटें ही आईं। खास बात है कि इन दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी। अधिकांश एग्जिट पोल छत्तीसगढ़ में कांटे की टक्कर बता रहे थे। मप्र की 230 सीटों में कांग्रेस को 66 पर ही संतोष करना पड़ा। यहां बिना सीएम चेहरे के मैदान में उतरी भाजपा को बंपर 163 सीटों पर जीत हासिल हुई।