न्यूयॉर्क । अमेरिका में डॉक्टर नर्स और फार्मासिस्ट लगातार काम के दबाव से परेशान है। मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। उसकी तुलना में स्टाफ कम होता जा रहा है। जो मौजूदा स्टाफ काम कर रहा है। उसके ऊपर दबाव काफी बढ़ गया है। स्थितियों पर कोई नियंत्रण न होने के कारण अब कर्मचारियों ने बगावत शुरू कर दी है। यूनियन के द्वारा लगातार विरोध किए जाने के कारण पुलिस ने कई फार्मासिस्ट और नर्सों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद मामले ने विकराल रूप धारण कर लिया। डॉक्टर और नर्स नौकरी छोड़ने पर आमादा हो गए हैं।
अमेरिका में हेल्थ सेक्टर में एकाधिकार और ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए कंपनियों ने कॉरपोरेट कल्चर शुरू किया है। कंपनियों के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के बाद भी मरीज भर्ती कर लिए जाते हैं। जो स्टाफ कम कर रहा होता है,उसके ऊपर दबाव बनाया जाता है। कॉरपोरेट सेक्टर में स्टाफ कम होने के बावजूद भी अधिक काम करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मी इन दिनों भारी तनाव से गुजर रहे हैं। चिंता और थकावट के कारण मरीजों के स्वास्थ्य को लेकर भी नया जोखिम देखने को अमेरिका में मिलने लगा है। डॉक्टर नर्स और फार्मासिस्ट अब काम छोड़कर दूसरे देशों में काम करने के लिए जा रहे हैं। जिसके कारण अमेरिका में डॉक्टर नर्स और फार्मासिस्ट की भारी कमी देखने को मिल रही है।