- सुवेंदु अधिकारी की बड़ी प्रशासनिक 'सर्जिकल स्ट्राइक': सरकार ने कई अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कीं

सुवेंदु अधिकारी की बड़ी प्रशासनिक 'सर्जिकल स्ट्राइक': सरकार ने कई अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कीं

राज्य सरकार प्रशासनिक ढांचे में व्यापक फेरबदल करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठा रही है।

एक बड़े प्रशासनिक फैसले में, पश्चिम बंगाल सरकार ने एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत राज्य के गैर-सांविधिक निकायों, बोर्डों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में नियुक्त सभी नामित सदस्यों, निदेशकों और अध्यक्षों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इसके साथ ही, उन अधिकारियों की नियुक्तियां भी समाप्त कर दी गई हैं जो वर्तमान में पुनर्नियोजन या सेवा विस्तार पर कार्यरत थे—और जिनकी सेवानिवृत्ति की आयु (60 वर्ष) पहले ही पूरी हो चुकी थी।

यह आदेश राज्य के गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग द्वारा जारी किया गया था। आदेश के अनुसार, यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा, और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

**प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल: गृह विभाग ने सख्त आदेश जारी किया**

नबन्ना से जारी आधिकारिक आदेश (सं. 861-Home(Cons)) के तहत, राज्य सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी में व्यापक फेरबदल के हिस्से के रूप में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत जारी किए गए इस आदेश का घोषित उद्देश्य प्रशासन के भीतर पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना है।

**नामित पदाधिकारियों को हटाया गया**

राज्य सरकार के विभिन्न बोर्डों, निकायों, संगठनों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में नियुक्त सभी नामित सदस्यों, निदेशकों और अध्यक्षों का कार्यकाल तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।

**सेवा विस्तार पर भी कार्रवाई**

इसके अलावा, उन अधिकारियों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं जो 60 वर्ष की मानक सेवानिवृत्ति आयु पूरी करने के बाद वर्तमान में पुनर्नियोजन या सेवा विस्तार पर काम कर रहे थे। गृह विभाग ने सभी संबंधित विभागों और संस्थानों को इस आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार प्रशासनिक ढांचे में व्यापक फेरबदल करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। माना जा रहा है कि विभिन्न बोर्डों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में लंबे समय से सेवा विस्तार पर कार्यरत अधिकारियों—साथ ही राजनीतिक नियुक्तियों वाले पदाधिकारियों—को हटाकर, नई नियुक्तियों के लिए रास्ता साफ किया जा रहा है। हालांकि सरकार ने इस निर्णय के पीछे के विस्तृत कारणों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे भविष्य की प्रशासनिक और राजनीतिक रणनीतियों से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।



Comments About This News :

खबरें और भी हैं...!

वीडियो

देश

इंफ़ोग्राफ़िक

दुनिया

Tag