कुछ सीनियर डॉक्टर ने भी चिट्ठी लिखकर सीएम से उनकी शिकायत की थी। डॉ. अरुणा कुमार को बुधवार को गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट में प्रोफेसर के रूप में पोस्टिंग दे दी थी। जूडा ने दोपहर दो बजे तक डॉ. अरुणा कुमार की पोस्टिंग के आदेश निरस्त करने का अल्टीमेटम दिया था। कॉलेज के अलग-अलग 28 डिपार्टमेंट में 450 जूनियर डॉक्टर हैं। डॉ. अरुणा कुमार के टॉर्चर की हद का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उनके साथ काम करने वाली 8 सीनियर डॉक्टर भी उनको हटाने की मांग मुख्यमंत्री, एमपीटीए और चिकित्सा शिक्षा विभाग से कर चुकी हैं। इसके अलावा, तीन स्टूडेंट अपनी डिग्री भी छोड़ चुकी हैं।