नई दिल्ली । राशन घोटाला मामले में पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में छापेमारी करने पहुंची ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम पर टीएमसी नेता के समर्थकों की भीड़ ने हमला कर दिया। ईडी अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षाबल के जवानों को भी निशाना बनाकर गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी।
ईडी अधिकारियों पर हमले के पीछे का मास्टरमाइंड टीएमसी नेता शाहजहान शेख को माना जा रहा है। अब ईडी ने मामले में कार्रवाई कर टीएमसी नेता के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। जांच एजेंसी ने नोटिस को सभी हवाईअड्डे और बीएसएफ के साथ भी साझा किया है। घटना के बाद से शाहजहान फरार है। जांच एजेंसी की शिकायत के आधार पर आरोपी टीएमसी नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कर लुकआउट नोटिस जारी किया है।
ये घटना उस समय हुई जब ईडी की टीम राशन घोटाला मामले की जांच के संबंध में टीएमसी नेता शेख के आवास पर छापेमारी करने पहुंची थी। तभी शेख के समर्थकों ने ईडी के अधिकारियों पर हमला कर उनके वाहनों को निशाना बनाया। हमले में 3 अधिकारियों को गंभीर चोटें लगी हैं। अधिकारियों ने बताया कि भीड़ ने उनका मोबाइल फोन, नकदी, पर्स, लैपटॉप भी छीन ले गए। साथ ही भीड़ ने ईडी की टीम के साथ मौजूद सीआरपीएफ के जवानों को भी निशाना बनाया।
ईडी की टीम को निशाना बनाए जाने के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीति जोरों पर है। कांग्रेस और बीजेपी लगातार कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रहे हैं, जबकि भाजपा नेता का कहना कि शेख का हाल भी ममता के करीब अनुब्रत मंडल जैसा होगा। वहीं सत्तारूढ़ टीएमसी ने आरोपों को खारिज कर कहा कि केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को उकसाया। शेख को राज्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक का करीबी सहयोगी बताया जाता है। ज्योतिप्रिय मल्लिक को करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया जा चुका है।