- दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर इंदौर में तनाव बढ़ा! कांग्रेस ने मोहन सरकार पर निशाना साधा और कड़े सवाल पूछे।

दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर इंदौर में तनाव बढ़ा! कांग्रेस ने मोहन सरकार पर निशाना साधा और कड़े सवाल पूछे।

दूषित पानी से हुई मौतों के बाद इंदौर में राजनीतिक तूफान तेज़ हो गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बीजेपी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है और स्वच्छ भारत मिशन और हर घर नल योजना पर सवाल उठाए हैं।

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है। कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि नए साल की शुरुआत ने कई परिवारों के लिए मातम लाया है, और इसकी ज़िम्मेदारी सीधे तौर पर सरकार की नीतियों और प्रशासनिक विफलताओं पर है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया चेयरमैन पवन खेड़ा ने इंदौर की घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन और हर घर नल योजना की ज़मीनी हकीकत अब जनता के सामने आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी पानी की पाइपलाइनों को बदलने के लिए जुलाई 2022 में टेंडर मंज़ूर हो गया था, लेकिन इसके बावजूद काम शुरू नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि इसी लापरवाही की वजह से दूषित पानी लोगों की जान ले रहा है।

राज्य सरकार पर तीखा हमला

पवन खेड़ा ने केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि एक तरफ 'अमृत काल' की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ लोगों को ज़हरीली हवा, मिलावटी खाना और दूषित पानी मिल रहा है। उन्होंने सवाल किया कि यह किस तरह का विकास मॉडल है, जहां बुनियादी ज़रूरतें भी सुरक्षित नहीं हैं।

बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रियाओं पर गुस्सा

कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रियाओं पर भी गुस्सा ज़ाहिर किया। पवन खेड़ा ने कहा कि जब जनता जवाब मांग रही है, तो कुछ नेता गैर-ज़िम्मेदाराना बयान दे रहे हैं, और मुख्यमंत्री इस गंभीर मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में लगभग 70 प्रतिशत पानी दूषित है, और दवाओं और कफ सिरप में मिलावट के मामले सामने आए हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय राजनीतिक बयानबाज़ी से दबा रही है।

हर घर जल योजना निशाने पर

कांग्रेस नेता ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यह हर घर जल योजना नहीं, बल्कि हर घर मल योजना बन गई है, और इसकी नैतिक ज़िम्मेदारी उन नेताओं की है जो बड़े-बड़े नारे देकर सत्ता में आए हैं। उन्होंने एशियन डेवलपमेंट बैंक से मिले 200 मिलियन डॉलर के लोन पर भी सवाल उठाए, जो भोपाल, इंदौर और जबलपुर में पानी की सप्लाई को बेहतर बनाने के लिए था। कांग्रेस पार्टी ने पूछा कि वह पैसा कहाँ खर्च किया गया।

कांग्रेस ने अहम सवालों के जवाब मांगे

कांग्रेस पार्टी ने सरकार से कई अहम सवालों के जवाब भी मांगे हैं। पार्टी जानना चाहती है कि क्या मरने वालों के स्टूल सैंपल की जाँच की गई, क्या जाँच में हैजा के बैक्टीरिया होने की पुष्टि हुई, और अगर हैजा पाया गया, तो क्या इसकी आधिकारिक सूचना दी गई। कांग्रेस ने यह भी पूछा कि क्या राज्य सरकार ने इस मामले की जानकारी केंद्र सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को दी। कुल मिलाकर, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने न सिर्फ़ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह मुद्दा अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है, और आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और तेज़ होने की संभावना है।

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