मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अनुसूचित जाति (SC) के स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप बांटते हुए कहा कि 2020-21 की तुलना में अब बच्चों को ज़्यादा स्कॉलरशिप दी जा रही है। 2024-25 में स्कॉलरशिप पाने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को जालंधर के PAP ग्राउंड में SC स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप बांटी। इसके साथ ही पूरे राज्य में 2.5 लाख से ज़्यादा बच्चों को स्कॉलरशिप बांटने की शुरुआत हुई। इस मौके पर CM मान ने वादा किया कि उनका मुख्य मकसद ज़रूरतमंद परिवारों के बच्चों को हायर एजुकेशन देना है।
बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने का एक मज़बूत ज़रिया
स्टेज से CM ने आगे कहा, "2020-21 की तुलना में 2024-25 में स्कॉलरशिप पाने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह स्कॉलरशिप सिर्फ़ फाइनेंशियल मदद नहीं है, बल्कि बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने का एक मज़बूत ज़रिया है। हमारी कोशिश है कि पैसे की कमी के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा या अपने सपनों से वंचित न रहे।"
अब कोई भी फाइनेंशियल दिक्कतों के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मौके पर कहा कि फाइनेंशियल दिक्कतों के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार का मकसद ज़रूरतमंद बच्चों को हायर एजुकेशन देना है ताकि वे अपने सपने पूरे कर सकें और समाज में एक इज़्ज़तदार जगह बना सकें।
रकम सीधे स्टूडेंट्स के अकाउंट में ट्रांसफर की जा रही है
इस स्कीम के तहत स्कॉलरशिप की रकम सीधे स्टूडेंट्स के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जा रही है। राज्य सरकार ने पिछले कुछ सालों में SC स्टूडेंट्स के लिए स्कॉलरशिप में काफ़ी बढ़ोतरी की है, जिसके चलते लाभार्थियों की संख्या में 35% की बढ़ोतरी हुई है। इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री हरपाल चीमा और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. बलजीत कौर भी मौजूद थीं।