राजस्थान के जयपुर में, राजधानी समेत पूरे राज्य में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (MNREGA) का नाम बदलने और उसमें बदलाव करने के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गए हैं। इस विरोध को जताने के लिए प्रदर्शन किए गए।
जयपुर में MNREGA में बदलावों के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गए हैं। इस बीच, सोमवार (2 फरवरी) को राजस्थान के सभी ज़िलों में सिविल सोसायटी समूहों ने प्रदर्शन किए। जयपुर में हुए विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में MNREGA मज़दूरों और अलग-अलग संगठनों के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
जयपुर के शहीद स्मारक में हुए कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय एक प्रमुख प्रतिभागी थीं। इस कार्यक्रम में आदिवासी मज़दूरों ने पारंपरिक गाने और डांस करके अनोखे तरीके से अपना विरोध जताया।
सांस्कृतिक प्रदर्शन के ज़रिए अनोखा विरोध
आदिवासियों ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करके अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर एक रैली भी निकाली गई। विरोध प्रदर्शन में अलग-अलग संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय ने कहा कि सरकार गरीब मज़दूरों के अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि इसके खिलाफ़ आंदोलन जारी रहेगा। अगर सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है, तो हम सरकार बदलने के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में गरीब मज़दूरों के फायदे के लिए कोई घोषणा नहीं की है।
'जय राम जी' बिल पर सरकार की आलोचना
'जय राम जी' बिल के खिलाफ़ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गए हैं। विपक्ष और सामाजिक संगठन लगातार इस पर सरकार की आलोचना कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी राज्य में 'MNREGA बचाओ अभियान' चला रही है। इसमें राज्य कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हिस्सा ले रहे हैं।
गौरतलब है कि कांग्रेस पूरे देश में सरकार के MNREGA का नाम बदलकर 'विकसित भारत – जय राम जी' करने और इसमें संशोधन करने के फैसले के खिलाफ़ 'MNREGA बचाओ अभियान' चला रही है। सरकार ने महात्मा गांधी के नाम पर शुरू की गई MNREGA योजना का नाम बदलकर 'विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका गारंटी योजना (ग्रामीण)' कर दिया है।