मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग की बड़ी उपलब्धि: जलभराव, मिलावट और शिक्षा के क्षेत्र में दी आम जनता को राहत
ग्वालियर/मध्य प्रदेश: समाज के वंचित वर्गों को न्याय दिलाने और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार लाने के उद्देश्य से कार्यरत 'मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग' ने हाल ही में कई महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र तोमर के कुशल नेतृत्व में संगठन ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक जनहित के मुद्दों को पहुँचाकर जिला प्रशासन से ठोस कार्यवाही सुनिश्चित कराई है।
प्रमुख उपलब्धियां और कार्यवाही:
जलभराव और मिलावट पर कड़ा प्रहार: शहर की गंभीर समस्याओं जैसे जलभराव और खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर संगठन ने मोर्चा संभाला। संगठन की सक्रियता का परिणाम यह रहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद कलेक्टर के माध्यम से इन मामलों पर त्वरित और प्रभावी कार्यवाही की गई।
इससे स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिली है।
EWS कोटे के तहत शिक्षा का अधिकार: शिक्षा के क्षेत्र में आयोग ने ऐतिहासिक कार्य किया है। संगठन की प्रमुख सदस्य रुचिका चौहान की सक्रियता और विशेष प्रयासों के चलते ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी के अंतर्गत आने वाले बच्चों को न्याय मिला। कई बड़े स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसते हुए गरीब और जरूरतमंद छात्रों की भारी-भरकम फीस माफ करवाई गई, जिससे उनके शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ।
सामाजिक न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र तोमर ने इस अवसर पर कहा कि आयोग का एकमात्र लक्ष्य हर उस व्यक्ति की आवाज बनना है जिसे व्यवस्था या संसाधनों की कमी के कारण न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए उनका संगठन भविष्य में भी इसी तरह जमीन पर उतरकर कार्य करता रहेगा।
"हमारा प्रयास है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी संस्थान नियमों का उल्लंघन कर आम जनता का शोषण न कर सके।"