- क्या आपको हर महीने सैलरी मिलती है? सैलरी अकाउंट के कई फ़ायदों के बारे में जानें।

क्या आपको हर महीने सैलरी मिलती है? सैलरी अकाउंट के कई फ़ायदों के बारे में जानें।

हर अकाउंट की तरह सैलरी अकाउंट के भी कई फ़ायदे हैं जिनके बारे में हम अक्सर नहीं जानते। सही जानकारी से हम इनका फ़ायदा उठा सकते हैं।

कर्मचारी, चाहे सरकारी हों या प्राइवेट, उन्हें हर महीने सैलरी मिलती है। हर दूसरे अकाउंट की तरह इसमें भी कई फ़ीचर हैं, लेकिन अक्सर सही जानकारी न होने की वजह से लोग इनका पूरा फ़ायदा नहीं उठा पाते। बैंक आजकल कई तरह के सैलरी अकाउंट देते हैं, जैसे क्लासिक सैलरी अकाउंट, वेल्थ सैलरी अकाउंट, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट (BSBD) सैलरी अकाउंट और डिफ़ेंस सैलरी अकाउंट। इस आर्टिकल में, हम सैलरी अकाउंट के कुछ हैरान करने वाले फ़ायदे शेयर करने जा रहे हैं ताकि आप भविष्य में इनका फ़ायदा उठा सकें।

ज़ीरो बैलेंस सुविधा: सैलरी अकाउंट का सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि इसमें आपको मिनिमम बैलेंस बनाए रखने की ज़रूरत नहीं होती। अगर आपका सैलरी अकाउंट बैलेंस ज़ीरो भी है, तो भी कोई पेनल्टी नहीं लगती। यह सुविधा रेगुलर सेविंग्स अकाउंट में नहीं मिलती।

फ़्री डिजिटल ट्रांज़ैक्शन: NEFT, RTGS और अक्सर IMPS जैसी ऑनलाइन ट्रांसफ़र सर्विस सैलरी अकाउंट होल्डर्स के लिए फ़्री होती हैं। इससे आप बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के आसानी से फंड ट्रांसफर कर सकते हैं।

ओवरड्राफ्ट सुविधा: ओवरड्राफ्ट सुविधा से आप अकाउंट बैलेंस खत्म होने पर भी एक तय लिमिट तक फंड निकाल सकते हैं। अचानक ज़रूरत पड़ने या इमरजेंसी में यह सुविधा बहुत काम आती है। हालांकि, इसके लिए क्वालिफाई करने के लिए आपका CIBIL स्कोर 700-750 से ज़्यादा होना चाहिए। ऐसा करने के लिए, आप नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करके 'सैलरी पर ओवरड्राफ्ट' ऑप्शन चुन सकते हैं।

फ्री डेबिट कार्ड और चेकबुक: ज़्यादातर बैंक सैलरी अकाउंट के साथ फ्री डेबिट कार्ड और चेकबुक देते हैं। इन सर्विस के लिए कोई अलग चार्ज नहीं है, जबकि रेगुलर अकाउंट पर इन सर्विस के लिए फीस लग सकती है।

फ्री क्रेडिट कार्ड ऑफर: कई बैंक सैलरी अकाउंट होल्डर को फ्री या कम फीस वाले क्रेडिट कार्ड देते हैं। इनमें रिवॉर्ड पॉइंट, कैशबैक और सालाना फीस में छूट जैसे फायदे शामिल हैं।

इंश्योरेंस कवरेज: कुछ सैलरी अकाउंट में एक्सीडेंटल डेथ इंश्योरेंस या हेल्थ इंश्योरेंस बेनिफिट भी शामिल होते हैं। यह एक एक्स्ट्रा सेफ्टी नेट की तरह काम करता है, जिससे अलग से प्रीमियम देने की ज़रूरत खत्म हो जाती है। सस्ते और आसान लोन: सैलरी अकाउंट होने से पर्सनल लोन, होम लोन या कार लोन लेना आसान हो जाता है। बैंक सैलरी अकाउंट होल्डर्स पर ज़्यादा भरोसा करते हैं और अक्सर कम इंटरेस्ट रेट पर लोन देते हैं।

प्रायोरिटी बैंकिंग सर्विस: बैंक अक्सर ज़्यादा सैलरी अकाउंट वाले अपने कस्टमर्स को प्रायोरिटी सर्विस देते हैं। इसमें खास काउंटर, रिलेशनशिप मैनेजर और तेज़ सर्विस शामिल हो सकती है।

फ़्री ATM ट्रांज़ैक्शन: सैलरी अकाउंट में आमतौर पर हर महीने कुछ फ़्री ATM ट्रांज़ैक्शन मिलते हैं। इससे आप बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के पैसे निकाल सकते हैं।

शॉपिंग और डाइनिंग ऑफ़र: सैलरी अकाउंट होल्डर्स को ऑनलाइन शॉपिंग, फ़ूड ऐप और रेस्टोरेंट पर स्पेशल डिस्काउंट और कैशबैक ऑफ़र मिलते हैं, जिससे रोज़ के खर्च कम करने में मदद मिल सकती है।

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