इंदौर में एक कांग्रेस पार्षद द्वारा 'वंदे मातरम' गाने से इनकार करने के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पार्टी पर ज़ोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस पार्षद ने बेशर्मी से यह ऐलान किया, "मैं इसे नहीं गाऊँगी।"
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टिप्पणी की कि यह अत्यंत खेदजनक है कि इंदौर नगर निगम के भीतर एक कांग्रेस पार्षद ने 'वंदे मातरम' गाने से इनकार कर दिया। यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने बेशर्मी से यह दावा किया, "मैं इसे नहीं गाऊँगी।" यह घटना कांग्रेस पार्टी के असली चरित्र को उजागर करती है।
**राष्ट्र-विरोधी तत्वों को बढ़ावा देने पर सवाल उठाए गए**
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी—जिनके गृह ज़िले में यह पूरी घटना घटी—के साथ-साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से स्पष्टीकरण की मांग की है। उन्होंने उनसे यह स्पष्ट करने को कहा है कि ऐसा क्यों प्रतीत होता है कि नगर पार्षद रुबीना खान जैसे राष्ट्र-विरोधी तत्वों को बढ़ावा देना उनकी नीति का हिस्सा है।
**'वंदे मातरम' गाने से इनकार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी?**
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से यह बताने को कहा है कि वे उन पार्षदों—जो कांग्रेस के टिकट पर चुने गए हैं—के खिलाफ क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का इरादा रखते हैं, जो 'भारत माता की जय' के नारे लगाने और 'वंदे मातरम' गाने से इनकार कर रहे हैं।
**'कांग्रेस अपने दोहरे मापदंडों से मुक्त नहीं हो पा रही है'**
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ज़ोर देकर कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य कांग्रेस नेताओं को अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगे टिप्पणी की कि कांग्रेस पार्टी ने 'वंदे मातरम' के महत्व को खंडित कर दिया है। कांग्रेस अपने अंतर्निहित दोहरे मापदंडों से खुद को मुक्त करने में असमर्थ बनी हुई है। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'वंदे मातरम' की भावना को एकजुट करके भारत की जनता का दिल जीत लिया है।