- गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की मुश्किलें बढ़ीं: पटियाला हाउस कोर्ट ने ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया।

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की मुश्किलें बढ़ीं: पटियाला हाउस कोर्ट ने ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया।

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गैंग की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। लॉरेंस और उसके साथियों के खिलाफ ट्रायल शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। उनका ट्रायल 30 अप्रैल से शुरू होने वाला है।


गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए उन सभी के खिलाफ ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथियों के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए, पटियाला हाउस कोर्ट ने उनके खिलाफ 'महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट' (MCOCA) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि शुरुआती जांच में उनके खिलाफ ठोस सबूत मिले हैं; इसलिए, अब उनके खिलाफ ट्रायल चलेगा।

**पूरा मामला एक नज़र में**
यह मामला मार्च 2021 का है, जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस के मुताबिक, यह गैंग संदीप—उर्फ 'काला जठेड़ी'—की देखरेख में काम करता था और इसमें कुल 20 आरोपी शामिल हैं। जांच में पता चला कि यह सिंडिकेट जबरन वसूली में शामिल था, और व्यापारियों, शराब ठेकेदारों और दुकानदारों को निशाना बनाता था।

"प्रोटेक्शन मनी" (सुरक्षा के नाम पर वसूली) के बहाने बड़ी रकम वसूली जाती थी, और इसी पैसे का इस्तेमाल हथियार खरीदने के लिए किया जाता था। कुछ आरोपियों के पास से अवैध हथियार—और यहां तक ​​कि ग्रेनेड भी—बरामद किए गए हैं। अपने आदेश में, कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयान, दस्तावेजी सबूत, सरकारी रिकॉर्ड और आरोपियों के कबूलनामे—ये सभी मिलकर इस बात की पुष्टि करते हैं कि आरोपी संगठित तरीके से आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे। इसलिए, इस मोड़ पर, इन सबूतों की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।

**जेल के अंदर से चल रहा था जबरन वसूली का बड़ा रैकेट**
दिल्ली पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि गैंग के कई सदस्य जेल में बंद होने के बावजूद अपना आपराधिक नेटवर्क चलाते रहे। जेल परिसर के अंदर से ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके अपराधों की साजिश रची जाती थी, और बड़ी रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा की जाती थी। इसके अलावा, कुछ आरोपी विदेश भागने के बाद भी गैंग का काम चलाते रहे। इस मामले में अब 30 अप्रैल को औपचारिक आरोप तय किए जाएंगे, जिसके बाद कोर्ट में ट्रायल शुरू होगा ताकि यह तय किया जा सके कि आरोपी दोषी हैं या बेकसूर।

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