राहुल गांधी के जन्मदिन पर, DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने बहुत ही औपचारिक तरीके से बधाई दी—जो पिछले साल दी गई गर्मजोशी भरी और निजी बधाई से बिल्कुल अलग थी। राजनीतिक विश्लेषक इसे कांग्रेस और DMK के बीच बढ़ती दूरी के संकेत के तौर पर देख रहे हैं।
DMK नेता एम.के. स्टालिन ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई बहुत ही औपचारिकता के साथ दी। हालांकि, राहुल गांधी के जवाब में "मिलकर लड़ाई लड़ने" के संकल्प पर ज़ोर दिया गया। तमिलनाडु में दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन टूटने के बाद पिछले एक साल में बदले राजनीतिक माहौल का असर स्टालिन और राहुल के संदेशों के लहज़े में साफ तौर पर दिखा।
**पिछले साल से बिल्कुल अलग बधाई**
पिछले साल 19 जून को, स्टालिन ने राहुल गांधी को बहुत गर्मजोशी से जन्मदिन की बधाई दी थी। राहुल को "भाई" बताते हुए उन्होंने कहा था कि उनका रिश्ता खून का नहीं, बल्कि साझा विचारों, विज़न और मकसद का है। राहुल की दृढ़ता और नेतृत्व की तारीफ़ करते हुए, स्टालिन ने भरोसा जताया था कि बेहतर भारत की ओर उनका साझा सफ़र आखिरकार कामयाब होगा। लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग दिखी। शुक्रवार को राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई देते हुए स्टालिन ने बस इतना लिखा:
"विपक्ष के सम्मानित नेता राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई। मैं आपके अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना करता हूं।"
**बधाई पर राहुल का जवाब**
राजनीतिक हलकों में, स्टालिन के छोटे और औपचारिक संदेश को कांग्रेस और DMK के बीच बढ़ती दूरी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। जहां पिछले साल के संदेश में निजी गर्मजोशी और राजनीतिक साझेदारी का एहसास था, वहीं इस साल की बधाई पूरी तरह औपचारिक थी। फिर भी, राहुल गांधी का जवाब रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिश जैसा लगा। स्टालिन का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने लिखा:
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"भारत की सोच (Idea of India), संविधान और संघीय ढांचे की रक्षा करने का हमारा साझा संकल्प हमें आगे भी रास्ता दिखाएगा। यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा की रक्षा की लड़ाई है, और हम जीत हासिल करने तक इसे मिलकर लड़ेंगे।
" TVK को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ा
राहुल गांधी के जवाब को DMK की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने और उनके रिश्तों में आए तनाव को कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हाल के महीनों में, तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद DMK के बजाय TVK के साथ राजनीतिक गठबंधन करने के कांग्रेस पार्टी के फ़ैसले से दोनों पार्टियों के बीच खटास आ गई है। इस कदम से नाराज़ होकर, DMK ने कांग्रेस से दूरी बना ली है और खुद को INDIA गठबंधन से भी अलग कर लिया है।
DMK कांग्रेस से लगातार दूरी बना रही है
गौर करने वाली बात है कि DMK ने इस महीने की शुरुआत में हुई INDIA गठबंधन की बैठक में हिस्सा नहीं लिया था। इसके अलावा, पार्टी ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर सदन में बैठने की नई व्यवस्था की मांग की है, क्योंकि वह अब कांग्रेस सांसदों के साथ नहीं बैठना चाहती। वहीं, स्टालिन की ओर से राहुल गांधी को जन्मदिन की 'ठंडी' बधाई संदेश से पता चलता है कि कम से कम DMK की तरफ़ से कांग्रेस के प्रति अभी कोई गर्मजोशी नहीं है।