- गोवा क्रांति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई; मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने 'विकसित गोवा 2037' के संकल्प को दोहराया।

गोवा क्रांति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई; मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने 'विकसित गोवा 2037' के संकल्प को दोहराया।

गोवा क्रांति दिवस पर, पणजी के आज़ाद मैदान में स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने 'विकसित गोवा 2037' के लक्ष्य को दोहराया।

गोवा क्रांति दिवस के मौके पर, राजधानी पणजी के आज़ाद मैदान में स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। गोवा के इतिहास में इस दिन का खास महत्व है, क्योंकि 18 जून 1946 को ही डॉ. राम मनोहर लोहिया और डॉ. जुलियाओ मेनेजेस ने पुर्तगाली शासन के खिलाफ जन-आंदोलन का बिगुल फूंका था, जिससे गोवा की आज़ादी की लड़ाई को एक नई दिशा मिली।

इस कार्यक्रम में 18 जून की क्रांति के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला गया और 1946 के जन-आंदोलन से लेकर 'विकसित गोवा 2037' के लक्ष्य तक के सफर को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम के दौरान, आज़ादी की लड़ाई में योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के साहस और बलिदान को नमन किया गया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा कि 18 जून गोवा के इतिहास में एक अहम पड़ाव है। उन्होंने बताया कि डॉ. राम मनोहर लोहिया और डॉ. जुलियाओ मेनेजेस के नेतृत्व ने गोवा के लोगों में आज़ादी की चेतना जगाई और उन्हें पुर्तगाली शासन के खिलाफ एकजुट किया।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के बारे में क्या कहा?

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मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के बलिदान की बदौलत ही आज गोवा देश के अग्रणी और विकसित राज्यों में शामिल है। उन्होंने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और जन-कल्याण जैसे क्षेत्रों में राज्य द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति का ज़िक्र किया। सरकार 'अंत्योदय' (अंतिम व्यक्ति का उत्थान), 'सर्वोदय' (सभी का उत्थान) और 'ग्रामोदय' (गाँवों का उत्थान) के सिद्धांतों पर आधारित विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से 'विकसित भारत 2047' और 'विकसित गोवा 2037' के लक्ष्यों को पूरा करने में भागीदारी करने का आह्वान किया। समारोह के दौरान आज़ादी की लड़ाई से जुड़े लोगों और संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र के चंद्रपुर के रहने वाले शहीद बाबुराव थोराट के बेटे विजय थोराट को उनके पिता के बलिदान के सम्मान में ₹10 लाख की आर्थिक मदद और एक प्रशस्ति-पत्र दिया गया। गोवा मुक्ति आंदोलन में किनका अहम योगदान था?

गोवा मुक्ति आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले अखबारों 'केसरी' और 'तरुण भारत' को भी सम्मानित किया गया। रोहित तिलक और किरण ठाकुर ने इन अखबारों की ओर से सम्मान स्वीकार किया। इस कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के 27 वंशजों को नियुक्ति पत्र भी बांटे गए। इस मौके पर गवर्नर पी. अशोक गजपति राजू, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपद नाइक, मंत्री रामकृष्ण (सुदिन) धवलीकर, मुख्य सचिव डॉ. वी. कंडावेलु, विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ, गोवा-दमन-दीव स्वतंत्रता सेनानी संघ के अध्यक्ष रोहित सरदेसाई, स्वतंत्रता सेनानी, उनके परिवार, छात्र, अभिभावक और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।


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