- शिंदे गुट में दो-तिहाई सांसदों के विलय में अड़चन! सांसद ओमराजे निंबालकर का कहना है—UBT छोड़ने पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

शिंदे गुट में दो-तिहाई सांसदों के विलय में अड़चन! सांसद ओमराजे निंबालकर का कहना है—UBT छोड़ने पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

धाराशिव के UBT सांसद ओमराजे निंबालकर के एक बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। ओमराजे निंबालकर ने कहा है कि उन्होंने अभी तक शिवसेना के शिंदे गुट में शामिल होने के बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

पवनराजे निंबालकर हत्याकांड मामले में आज (शनिवार) अदालत के फैसले—जिसमें आरोपी बरी हो गए—के बाद ओमराजे निंबालकर के बयान ने महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने फिर दोहराया कि शिंदे गुट में शामिल होने पर उन्होंने अभी तक अपना फैसला पक्का नहीं किया है। निंबालकर ने कहा कि अंतिम फैसला लेने से पहले वे अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाकर पदाधिकारियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से सलाह-मशविरा करेंगे।

**"ऑपरेशन टाइगर" को लेकर सस्पेंस बढ़ा**
ओमराजे निंबालकर के बयान ने कथित "ऑपरेशन टाइगर" को लेकर सस्पेंस और बढ़ा दिया है। राजनीतिक हलकों में अटकलें थीं कि कुछ सांसद जल्द ही शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, निंबालकर के ताजा रुख ने फिलहाल ऐसी अटकलों पर रोक लगा दी है।

**सांसदों की ज़रूरी दो-तिहाई संख्या जुटाने में मुश्किल**
सूत्रों के मुताबिक, ओमराजे निंबालकर अदालत के फैसले के बाद भावनात्मक रूप से परेशान हैं और मौजूदा माहौल में कोई भी जल्दबाजी भरा फैसला लेने से इनकार कर दिया है। माना जा रहा है कि अगर निंबालकर पांच अन्य सांसदों के साथ शिंदे गुट में शामिल नहीं होते हैं, तो संभावित विभाजन के लिए ज़रूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल करना मुश्किल हो सकता है। नतीजतन, "ऑपरेशन टाइगर" की सफलता पर भी सवाल उठ सकते हैं।

**ओमराजे निंबालकर के अगले कदम पर सबकी नज़रें**
फिलहाल, महाराष्ट्र की राजनीति में सबकी नज़रें ओमराजे निंबालकर के अगले कदम पर टिकी हैं। उनके अंतिम फैसले से ही तय होगा कि कथित "ऑपरेशन टाइगर" आगे बढ़ेगा या उसमें नई बाधाएं आएंगी। UBT की बैठक में कौन से सांसद शामिल नहीं हुए?
उद्धव ठाकरे की सेना से अलग होकर छह सांसदों ने एक अलग गुट बनाया है; इस ग्रुप में संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम), संजय जाधव (परभणी), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिर्डी), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व), ओमराजे निंबालकर (धाराशिव) और नागेश पाटिल (हिंगोली) शामिल हैं। इनमें से कोई भी पिछले शुक्रवार को संसद भवन में हुई UBT की बैठक में शामिल नहीं हुआ।

पवनराजे मर्डर केस में फैसले के खिलाफ CBI हाई कोर्ट जाएगी
CBI, पवनराजे निंबालकर मर्डर केस में आरोपियों को बरी करने के फैसले को चुनौती देने के लिए हाई कोर्ट का रुख करेगी। एजेंसी आरोपियों को बरी करने के स्पेशल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर करेगी। फैसले के बाद, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधी बातचीत की। बातचीत के बाद, अमित शाह ने CBI को हाई कोर्ट में फैसले के खिलाफ अपील करने के स्पष्ट निर्देश दिए।


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