ट्रंप ने कहा कि मकसद ईरान के परमाणु हथियार खत्म करने (डीन्यूक्लियराइजेशन) पर बातचीत करना है। उन्होंने कहा कि ईरान के लिए एक अच्छा समझौता करने का यह आखिरी मौका है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर एक अहम बयान दिया है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और ईरान ने बातचीत से इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि ईरान सैन्य हमले से बचना चाहता है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार है।
**होर्मुज जलडमरूमध्य प्राथमिकता नहीं**
हालांकि, ट्रंप ने साफ किया कि उनकी प्राथमिकता होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा नहीं, बल्कि ईरान का परमाणु हथियार खत्म करना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक ठोस और स्वीकार्य समझौते पर पहुंचे।
**अच्छा समझौता करने का आखिरी मौका**
ट्रंप ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ईरान के लिए एक अच्छा समझौता करने का यह आखिरी मौका है। संभावित परमाणु समझौते और इलाके में बढ़ते तनाव के बीच इस बयान को अहम माना जा रहा है।
**अमेरिकी हमलों से बचने का आखिरी मौका – ट्रंप**
इससे पहले, सोमवार को ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ प्रस्तावित नई बातचीत तेहरान के लिए समझौते तक पहुंचने और अमेरिकी हमलों से बचने का आखिरी मौका है। ओवल ऑफिस से बात करते हुए, उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत एक-दो दिन में शुरू हो जाएगी, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका की चिंताओं को दूर करने का रास्ता साफ होगा।
**ईरान पर हमले का फैसला फिलहाल टाल दिया गया – ट्रंप**
ट्रंप ने कहा, "पहले चरण में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है। दूसरा चरण परमाणु हथियार खत्म करने से जुड़ा है, जिसमें कुछ समय लगेगा। खाड़ी के सहयोगी देशों—जैसे कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात—के कहने पर, मैंने फिलहाल ईरान पर कोई नया, बड़ा हमला करने का आदेश न देने का फैसला किया है।"
**दोनों देशों के बीच महीनों से तनाव**
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच कई महीनों से तनाव बना हुआ है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कई हवाई हमले किए थे और ईरान ने इन हमलों का जवाब दिया था। इस बीच, अब दोनों देश बातचीत के ज़रिए मुद्दे को सुलझाने की बात कर रहे हैं।