फ़्लाइट में देरी को लेकर सांसद हनुमान बेनीवाल ने एक बार फिर इंडिगो एयरलाइंस और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्हें पहले भी जयपुर से यात्रा करते समय फ़्लाइट में देरी का सामना करना पड़ा है।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल ने फ़्लाइट में देरी को लेकर एक बार फिर इंडिगो एयरलाइंस और केंद्र सरकार की आलोचना की है। दिल्ली से जयपुर जाने वाली इंडिगो की फ़्लाइट 6E-6131 शुक्रवार रात (7 अगस्त) को समय पर उड़ान नहीं भर सकी।
फ़्लाइट को रात 8:20 बजे रवाना होना था, लेकिन पायलट के समय पर न पहुँचने के कारण डेढ़ घंटे बाद भी उड़ान नहीं हो सकी। देरी के बाद सोशल मीडिया पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए सांसद बेनीवाल ने सवाल किया कि क्या यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'नया भारत' है, जहाँ आम यात्री के समय और सुविधा की कोई अहमियत नहीं है?
**फ़्लाइट में देरी से नाराज़ सांसद बेनीवाल**
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि अगर कोई यात्री एयरपोर्ट पर एक घंटा भी देर से पहुँचता है, तो एयरलाइन उसका इंतज़ार नहीं करती; फिर भी, जब एयरलाइन खुद लापरवाही करती है, तो ज़िम्मेदारी किसकी तय होती है? बेनीवाल ने मांग की कि विमानन मंत्री राममोहन नायडू इस मामले की जाँच करें और इंडिगो की ज़िम्मेदारी तय करें।
उन्होंने एयरलाइन की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया ताकि यात्रियों को बार-बार ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। सांसद ने इस घटना के बारे में अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और PMO को भी टैग किया।
**बेनीवाल को पहले भी फ़्लाइट में देरी का सामना करना पड़ा है**
गौर करने वाली बात है कि यह पहली बार नहीं है जब बेनीवाल को फ़्लाइट में देरी का सामना करना पड़ा है। लगभग दो हफ़्ते पहले भी उनकी फ़्लाइट देर से रवाना हुई थी, जिससे वह संसद में विपक्ष की एक अहम बैठक में समय पर नहीं पहुँच पाए थे। लगातार दूसरी बार हुई इस देरी के बाद, उन्होंने सवाल किया कि जब देश में यात्रियों से अनुशासन बनाए रखने की उम्मीद की जाती है, तो एयरलाइंस और सिस्टम को जवाबदेह ठहराने में इतनी ढिलाई क्यों बरती जाती है? सांसद का कहना है कि अगर देश का दावा है कि यहाँ का नागरिक उड्डयन सिस्टम बेहतर है, तो समय पर सेवा और यात्रियों के अधिकारों का भी उतनी ही गंभीरता से पालन होना चाहिए। फ़्लाइट में बार-बार हो रही देरी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं और इस समस्या से निपटने के लिए सख़्त कार्रवाई की ज़रूरत है।