पीएम मोदी ने वाराणसी से वडनगर की यात्रा कर रहे युवाओं के एक समूह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बातचीत की। प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने कुंभ में सफ़ाई कर्मचारियों के पैर क्यों धोए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (शुक्रवार) 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत वाराणसी से वडनगर की यात्रा कर रहे एक समूह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बातचीत की। पीएम मोदी ने कहा कि जब हम गांधीजी के जीवन को देखते हैं, तो पाते हैं कि अंग्रेज़ों से लड़ने और आज़ादी की लड़ाई का नेतृत्व करने के साथ-साथ वे एक महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने समाज में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ लगातार काम किया। इसलिए, हमें भी सिर्फ़ वोट-बैंक की राजनीति के लिए नहीं, बल्कि लगातार सामाजिक सुधार और सकारात्मक बदलाव के लिए काम करते रहना चाहिए। जो लोग सेवा करते हैं, वे सम्मान के हक़दार हैं। प्रधानमंत्री ने कुंभ के सफ़ाई कर्मचारियों के बारे में भी बात की।
"मैंने उनके पैर धोने और उनका आशीर्वाद लेने का फ़ैसला किया" – पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि प्रयागराज में सफ़ाई कर्मचारियों ने हमारे कुंभ को सफ़ाई के लिए दुनिया भर में मशहूर बनाने और भारत का मान बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। जिन लोगों ने भारत का सम्मान इतना बढ़ाया, उनके पैर धोकर आशीर्वाद लेने की इच्छा मेरे मन में थी; इसीलिए मैंने उनके पैर धोए और उन्हें सम्मानित किया, क्योंकि उन्होंने दुनिया में भारत का मान बढ़ाया था। पिछले 12 सालों में भारत के शहरों और गांवों के बीच का अंतर काफ़ी कम हुआ है। आज गांवों में बुनियादी ढांचा बेहतर हुआ है और हमारी बहनों और बेटियों में आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
वडनगर ने संस्कार दिए, जबकि काशी ने जीवन में सेवा के जीवंत रंग भरे
पीएम मोदी ने कहा कि वडनगर ने उन्हें जीवन के संस्कार दिए, जबकि काशी ने उन संस्कारों में सेवा के अनगिनत रंग भरे। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि सभी युवा प्रतिभागी भी इस यात्रा को सेवा के विभिन्न रंगों—देशभक्ति, सेवा, संस्कार और संकल्प के रंगों—से समृद्ध कर रहे हैं। वे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक विकसित भारत का सपना सच नहीं हो जाता। 'सेवा संकल्प यात्रा' इसी भावना को दर्शाती है और यह भावना हर जगह दिखाई देती है। **पीएम मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों को याद किया**
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती भी है। पंडित दीनदयाल ने अपने जीवन के ज़रिए हमेशा 'चरैवेति, चरैवेति, चरैवेति' (आगे बढ़ते रहो) का मंत्र दिया। वे खुद भी कभी न थकने वाले यात्री थे। हमारा लक्ष्य 'सेवा यात्रियों' के तौर पर लगातार आगे बढ़ते रहना है और इसके लिए हमें पंडित दीनदयाल से बहुत प्रेरणा मिलती है। उन्होंने समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए हमें सात मार्गदर्शक सिद्धांत दिए। इस शुभ दिन पर, उन सात सिद्धांतों को याद करने से हर बीजेपी कार्यकर्ता में नई ऊर्जा का संचार होता है।
ये सात सिद्धांत हैं:
सेवा-भाव
संतुलन
संयम
समन्वय
सकारात्मकता
संवेदना
संवाद
**पीएम मोदी ने वडनगर से यात्रा कर रहे समूह से बातचीत की**
कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने उस समूह का भी ज़िक्र किया जो वडनगर से वाराणसी के लिए निकला था। पीएम मोदी ने कहा, "कल मुझे 'सेवा यात्रियों' के उस समूह से बातचीत करने का मौका मिला जो वडनगर से निकले थे, और आज मुझे उस समूह से बात करने का मौका मिला जो मेरी काशी (वाराणसी) से निकला है और मेरे गाँव जा रहा है। आप सभी वडनगर में प्राचीन हटकेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन करने और बाबा विश्वनाथ व पवित्र गंगा का आशीर्वाद लेने जा रहे हैं, और साथ ही रास्ते में सेवा कार्य भी कर रहे हैं; यह वाकई बहुत सौभाग्य की बात है।"