जहाँ उत्तर भारत में मौसम साफ और शुष्क बना हुआ है, वहीं दक्षिण भारत भारी बारिश की मार झेल रहा है। चेन्नई और मदुरै में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
मानसून की वापसी के बाद, उत्तर भारत में हल्की ठंड महसूस होने लगी है। हिमाचल प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक के इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर अब पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR क्षेत्र में भी दिखने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया है कि अरब सागर के ऊपर तूफान जैसी स्थिति बन रही है। अगर यह सिस्टम और मजबूत होता है, तो इसका असर गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में देखने को मिल सकता है।
दक्षिण भारत में, पूर्वोत्तर मानसून (नॉर्थईस्ट मानसून) के सक्रिय होने से कई राज्यों में मूसलाधार बारिश हो रही है। चेन्नई और मदुरै सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जहाँ भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में बन रहा एक तूफान 27 और 28 अक्टूबर के बीच पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तेज हवाओं और आंधी-तूफान का कारण बन सकता है।
**आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना**
IMD के अनुसार, दक्षिण भारत में बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है। दक्षिणी तमिलनाडु और केरल के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण, 23 से 26 अक्टूबर के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और लक्षद्वीप में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, तटीय आंध्र प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 23 से 26 अक्टूबर के बीच बहुत भारी बारिश हो सकती है।
**IMD की चेतावनी**
मौसम विभाग ने 27-28 अक्टूबर के लिए ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी 26 अक्टूबर तक भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही, 24 अक्टूबर तक तटीय कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।
आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है।
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में 28 अक्टूबर तक आंधी-तूफान आने की संभावना है, जिसमें हवा की गति 40–50 किमी/घंटा तक हो सकती है। हवा के झोंकों की गति 60 किमी/घंटा तक भी पहुंच सकती है।
केरल, माहे और लक्षद्वीप में 26 अक्टूबर तक हवाएं 30–40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने की उम्मीद है, और हवा के झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकते हैं। IMD के अनुसार, कोंकण और गोवा में मौसम गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।