केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि डी.के. शिवकुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के परिवार को राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए एक सौदा किया था।
केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) [JD(S)] के नेता एच.डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के परिवार को राजनीतिक रूप से बर्बाद करने के उद्देश्य से 600 करोड़ रुपये का एक सौदा किया था।
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा, "इसमें कोई शक नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि राज्य के एक वरिष्ठ नेता ने यह दावा किया है—और वह नेता कोई और नहीं, बल्कि खुद मौजूदा 'महान' मुख्यमंत्री हैं। कुमारस्वामी ने स्पष्ट किया कि "परिवार को बर्बाद करने" की बात का सीधा इशारा देवेगौड़ा के परिवार की ओर है; इसमें कोई भ्रम नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने इस पूरे मामले की जांच की भी मांग की है। कुमारस्वामी ने जोर देकर कहा कि एक व्यापक और बड़े स्तर की जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि जांच शुरू हो चुकी है, क्योंकि अब "पापों का घड़ा" भर चुका है—सच्चाई सामने जरूर आएगी।
डी.के. शिवकुमार पर गंभीर आरोप
इससे पहले भी, कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। हाल ही में उन्होंने बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर (BMIC/NICE) परियोजना में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवकुमार की निजी संपत्ति में हुई भारी बढ़ोतरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि शिवकुमार की घोषित संपत्ति 2003 में लगभग 4 करोड़ रुपये थी, जो 2023 तक बढ़कर 1,400 करोड़ रुपये से अधिक हो गई।
NICE परियोजना को लेकर उठाए गए सवाल
JD(S) नेता कुमारस्वामी का आरोप है कि डी.के. शिवकुमार और उनके परिवार को NICE परियोजना से जुड़े जमीन के सौदों से बहुत बड़ा फायदा हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से होसाकेरेहल्ली की ज़मीन और शोभा डेवलपर्स से जुड़े एक संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) की ओर इशारा किया। कुमारस्वामी ने इन सौदों से जुड़े कथित लाभों को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
इन आरोपों का जवाब देते हुए, कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें व्यापार करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने आगे कहा कि उनके बच्चों को भी व्यापार करने और संपत्ति हासिल करने का अधिकार है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कोई भी संपत्ति चोरी या किसी ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से हासिल नहीं की गई है। शिवकुमार ने यह भी बताया कि वह हर साल अपनी संपत्ति का ब्योरा देते हैं।