- बचपन के अभिन्न अंग थे जूनियर महमूद: हंसल मेहता


मुंबई । जूनियर महमूद के नाम से मशहूर बॉलीवुड के दिग्गज हास्य अभिनेता नईम सैय्यद के निधन पर फिल्म निर्माता हंसल मेहता ने दुख व्यक्त किया। श्री मेहता ने कहा कि वह उनके बचपन के अभिन्न अंग थे। हंसल ने एक्स पर 1968 की फिल्म ब्रह्मचारी की एक क्लिप शेयर की। वीडियो में जूनियर महमूद को हम काले है तो क्या हुआ ट्रैक पर परफॉर्म करते हुए दिखाया गया है। उन्होंने लिखा, जूनियर महमूद को उनकी क्यूटनेस और हंसी के लिए हमेशा याद रखूंगा। वह मेरे बचपन का अभिन्न अंग थे। सैय्यद महान हास्य अभिनेता महमूद अली को अपना गुरु मानते थे, जिन्होंने उन्हें जूनियर महमूद की उपाधि दी थी। मालूम हो कि आरआईपी जूनियर महमूद। जूनियर महमूद का कैंसर के चलते शुक्रवार सुबह निधन हो गया। 

हंसल मेहता ने जूनियर महमूद के निधन पर शोक व्यक्त किया: 'वह मेरे बचपन का अभिन्न  अंग थे' | हिंदी मूवी समाचार - टाइम्स ऑफ इंडिया

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हंसल मेहता ने जूनियर महमूद के निधन पर शोक व्यक्त किया: 'वह मेरे बचपन का अभिन्न  अंग थे' | हिंदी मूवी समाचार - टाइम्स ऑफ इंडिया

मोहब्बत जिंदगी है (1966) में एक बाल कलाकार के रूप में अपना फिल्मी करियर शुरू करने वाले जूनियर महमूद ने कई भारतीय भाषाओं में 250 से अधिक फिल्मों में काम किया, इसके अलावा उन्होंने आधा दर्जन मराठी फिल्मों का निर्देशन किया और कुछ गाने गाए। उन्होंने नौनिहाल (1967), ब्रह्मचारी (1968), कटी पतंग और आन मिलो सजना (1970), कारवां, हाथी मेरे साथी, हरे रामा हरे कृष्णा और जूनियर. महमूद इन हॉन्ग कॉन्ग (सभी 1971), आप की कसम और अमीर गरीब (1974), गीत गाता चल (1975), शहजादे (1989), आज का अर्जुन (1990),  जुदाई (1997), जर्नी बॉम्बे टू गोवा (2007), और भी कई फिल्मों में काम किए। 

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