भाजपा नेता अनुराग ठाकुर द्वारा 6 दिनों में 6 लोकसभा सीटों की मतदाता सूची के आंकड़े पेश करने पर कांग्रेस नेता ने निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को भी चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है।
कांग्रेस ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में फर्जी मतदाताओं के बूस्टर डोज के दम पर जीत हासिल की और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 6 लोकसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची के आंकड़े पेश करके साबित कर दिया कि उनके और चुनाव आयोग के बीच सांठगांठ है।
पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी सवाल उठाया कि राहुल गांधी द्वारा 'वोट चोरी' का खुलासा करने के तुरंत बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजकर हलफनामा मांगा था, लेकिन भाजपा नेता अनुराग ठाकुर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के 24 घंटे बाद भी उन्हें नोटिस क्यों नहीं दिया गया? उन्होंने यह भी कहा कि फर्जी मतदाता सूची का मामला साबित होने के बाद क्या 2024 के लोकसभा चुनाव अभी रद्द नहीं कर दिए जाने चाहिए?
भाजपा का कांग्रेस नेताओं पर पलटवार
भाजपा ने बुधवार (13 अगस्त, 2025) को रायबरेली, वायनाड, डायमंड हार्बर और कन्नौज संसदीय सीटों पर मतदाता पंजीकरण में अनियमितताओं का आरोप लगाया था। इसके साथ ही, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अभिषेक बनर्जी और अखिलेश यादव से लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने को कहा गया था। सत्तारूढ़ दल के नेता अनुराग ठाकुर ने भी दावा किया था कि इन विपक्षी नेताओं ने 'वोट चोरी' के ज़रिए लोकसभा चुनाव जीता था।
खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, '7 अगस्त को सभी ने देखा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 'वोट चोरी' का सच उजागर किया। इस खुलासे से भाजपा के लोग 6 दिनों तक सदमे में रहे, फिर अनुराग ठाकुर को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए भेजा गया, लेकिन उनके इस कदम ने चुनाव आयोग की भूमिका को और गंभीर बना दिया है।'
भाजपा को 'वोट चोरी' की परवाह नहीं
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में 6 लोकसभा क्षेत्रों के आंकड़े पेश किए और यह साबित करने की कोशिश की कि इन इलाकों में फर्जी मतदाता हैं और मतदाता सूची में गड़बड़ी है। कांग्रेस नेता ने कहा, 'यह आश्चर्यजनक है कि पहले भाजपा को 'वोट चोरी' से कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन अब उन्हें अचानक इसमें दिलचस्पी हो गई है।'
उनके अनुसार, चुनाव आयोग का नोटिस राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद आया था और उनसे हलफनामा मांगा गया था, लेकिन अनुराग ठाकुर की प्रेस कॉन्फ्रेंस को 24 घंटे से ज़्यादा समय बीत चुका है, लेकिन उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है।
भाजपा को 6 दिन में 6 लोकसभा सीटों का डेटा कैसे मिला?
खेड़ा ने कहा, 'हमें बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का डेटा इकट्ठा करने में 6 महीने लग गए, क्योंकि हमें इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट नहीं दी गई थी। जबकि, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर को 6 दिन में 6 लोकसभा सीटों का डेटा मिल गया।' उन्होंने सवाल किया कि उन्हें ये डेटा इतनी जल्दी कैसे मिल गया और जब चुनाव आयोग के पास इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट है, तो यह (सूची) कांग्रेस को क्यों नहीं दी जा रही है?
खेड़ा ने दावा किया, 'इससे साफ़ है कि चुनाव आयोग के पास इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट है, लेकिन वह इसे जनता और विपक्ष को नहीं देना चाहता।' उन्होंने कहा, 'अनुराग ठाकुर ने आपके सामने जो सबूत पेश किए हैं, वे आपराधिक सबूत हैं। हम मांग करते हैं कि ये सबूत हमें सौंपे जाएँ, क्योंकि अब आपका अपराध सिद्ध हो चुका है। अनुराग ठाकुर ने साबित कर दिया है कि भाजपा और चुनाव आयोग के बीच सांठगांठ है।'
वाराणसी में फ़र्ज़ी मतदाताओं का 'बूस्टर डोज़'
खेड़ा ने दावा किया कि अगर वाराणसी की इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची मिल जाए, तो सबको यकीन हो जाएगा कि प्रधानमंत्री मोदी को मतगणना के दिन फ़र्ज़ी मतदाताओं का 'बूस्टर डोज़' मिला था और यह भी साबित हो जाएगा कि उन्होंने प्रधानमंत्री की कुर्सी 'चुराकर' उस पर बैठे हैं। भाजपा कहती है कि राहुल गांधी को देश की संस्थाओं पर भरोसा नहीं है, तो क्या अनुराग ठाकुर कल संस्थाओं पर भरोसा कर रहे थे?
उन्होंने पूछा, 'आज सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं, ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कहाँ हैं?' खेड़ा ने कहा कि भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने साबित कर दिया है कि पिछला लोकसभा चुनाव फ़र्ज़ी मतदाता सूची के आधार पर हुआ था। क्या यह चुनाव रद्द नहीं होना चाहिए?