मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2026-27 के बजट के बाद राज्य की इमेज को "सॉफ्ट" से "हार्ड पावर" में बदल दिया है। उन्होंने लखनऊ में बन रही ब्रह्मोस मिसाइल के साथ सोशल मीडिया पर एक फोटो अपलोड की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2026-27 के बजट के बाद राज्य की इमेज को "सॉफ्ट" से "हार्ड पावर" में बदल दिया है, और एक मजबूत स्ट्रेटेजिक मैसेज दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "X" पर उनकी नई कवर इमेज, जिसमें लखनऊ में बन रही ब्रह्मोस मिसाइल को हाईलाइट किया गया है, यह साफ इशारा है कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ खेती या टूरिज्म तक सीमित नहीं है।
इस ऐतिहासिक ₹9.12 लाख करोड़ के बजट के केंद्र में डिफेंस प्रोडक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर और सिक्योरिटी का "त्रिवेणी मॉडल" है, जो राज्य को गरीबी से अमीरी तक ले जाने का रोडमैप तैयार करता है। यह बदलाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को भारत का नया ग्रोथ इंजन और एक मजबूत सिक्योरिटी शील्ड बनाने के बड़े विजन को दिखाता है।
उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट और स्ट्रेटेजिक पावर के संगम पर खड़ा है।
राजधानी लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल बनाने की तरक्की और डिफेंस कॉरिडोर में हो रहे इन्वेस्टमेंट ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स का ध्यान खींचा है। CM योगी का "सुपरसोनिक भगवा" मैसेज साफ दिखाता है कि राज्य अब विकास और स्ट्रेटेजिक ताकत के संगम पर खड़ा है।
लखनऊ के सरोजिनी नगर में बना ब्रह्मोस नेक्स्ट-जेन (ब्रह्मोस-NG) मिसाइल बनाने का सेंटर, उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की सबसे बड़ी कामयाबी में से एक है। करीब 80 एकड़ में फैला यह स्टेट-ऑफ-द-आर्ट डिफेंस नोड न सिर्फ भारत की मिलिट्री ताकत बढ़ा रहा है, बल्कि लखनऊ को ग्लोबल डिफेंस मैप पर एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब भी बना रहा है।
इसका मकसद उत्तर प्रदेश को डिफेंस प्रोडक्शन का ग्लोबल हब बनाना है।
यहां ब्रह्मोस मिसाइल का हल्का और ज़्यादा खतरनाक वर्जन बनाया जा रहा है, जिसे सुखोई-30 MKI जैसे फाइटर एयरक्राफ्ट पर लगाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को डिफेंस प्रोडक्शन का ग्लोबल हब बनाना है, जहां स्टेट-ऑफ-द-आर्ट हथियारों की मैन्युफैक्चरिंग से न केवल सेना मजबूत होगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार और टेक्नोलॉजी भी पैदा होगी।