अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने संगरूर में आत्महत्या के एक मामले को लेकर भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा और ड्रग्स की समस्या, पुलिस व्यवस्था और राजनीतिक संरक्षण को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब के संगरूर में एक व्यक्ति की आत्महत्या को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि संगरूर में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और आम आदमी इतना बेबस हो गया है कि पुलिस में शिकायत करने के बाद भी उसे कोई राहत नहीं मिलती।
बिक्रम मजीठिया ने बताया कि संगरूर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है। इसलिए, इलाके में ऐसी घटनाएं सरकार के कामकाज पर सवाल उठाती हैं। उन्होंने सीधे तौर पर इसे भगवंत मान सरकार की विफलता बताया। मजीठिया के अनुसार, पिछले 14 दिनों में संगरूर में यह तीसरी ऐसी घटना है।
**ड्रग्स की समस्या पर सवाल**
मजीठिया ने पंजाब में ड्रग्स की स्थिति को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से आम आदमी पार्टी की सरकार सत्ता में आई है, ड्रग्स की डिलीवरी पिज्जा और बर्गर से भी तेज़ी से हो रही है।
उन्होंने कहा कि संगरूर में पुलिस और राजनीतिक हस्तियों के बीच मिलीभगत के आरोप सामने आ रहे हैं और पुलिस व्यवस्था खुद सवालों के घेरे में है।
**पुलिस पर गंभीर आरोप**
अकाली नेता ने आरोप लगाया कि संगरूर में कमजोर पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। उन्होंने दावा किया कि जिन अधिकारियों को चुनाव आयोग ने उपचुनाव के दौरान सस्पेंड किया था, उन्हें बाद में SSP की जिम्मेदारी दी गई। हालांकि, ये आरोप पूरी तरह से मजीठिया के बयान पर आधारित हैं।
**अमन अरोड़ा के विधानसभा क्षेत्र में घटना**
मजीठिया ने बताया कि जिस जगह पर घटना हुई, वह AAP के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा के विधानसभा क्षेत्र में आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर लोगों पर दबाव डाला जा रहा है। मजीठिया ने दावा किया कि एक वीडियो डिलीट करवाने के लिए भी दबाव डाला गया था।
फिरोजपुर में एक युवक की मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां परिवार ने मौत की वजह ड्रग्स को बताया, वहीं पुलिस ने इस दावे पर आपत्ति जताई। मजीठिया ने अमन अरोड़ा पर वित्तीय धोखाधड़ी और ड्रग्स से जुड़े मामलों में शामिल होने का भी आरोप लगाया।