बहुजन समाज पार्टी (BSP) में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। BSP प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद के भाई, ईशान आनंद को राष्ट्रीय समन्वयक (National Coordinator) नियुक्त किया है।
BSP ने बुधवार, 23 सितंबर को पार्टी मुख्यालय में अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई। बैठक के दौरान, उनके भतीजे ईशान आनंद को राष्ट्रीय समन्वयक नियुक्त किया गया। साथ ही, उन्होंने सभी पदाधिकारियों को सरकार बनाने के लिए ज़मीनी स्तर पर काम करने का निर्देश दिया। इस बीच, पार्टी के एक उम्मीदवार ने कहा कि 'बहनजी' की सरकार बनाने में मदद के लिए इस बार ब्राह्मण समुदाय भी पूरा समर्थन देगा। बैठक से पहले, ईशान आनंद ने अपनी बुआ मायावती के पैर छुए, जिन्होंने उनकी पीठ पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया।
बैठक में मायावती ने ईशान आनंद को वही भूमिका सौंपी जो पहले उनके बड़े भाई आकाश आनंद के पास थी—राष्ट्रीय समन्वयक की। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस नियुक्ति के बाद, ईशान को अब सीधे तौर पर पार्टी के युवा आइकन के रूप में देखा जा रहा है। केंद्रीय स्तर की ज़िम्मेदारी संभालने के बाद, आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी की सीटों की संख्या बढ़ाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
**सरकार बनाने में ब्राह्मण समुदाय की मदद – विनोद मिश्रा**
जौनपुर की मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार विनोद मिश्रा ने कहा कि इस बार मायावती की सरकार बनाने में ब्राह्मण समुदाय अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि बैठक में चुनावों में पार्टी की सीटों की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए और सरकार की विफलताओं को जनता तक ले जाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया। सभी वर्गों और जातियों के लोग 2007 के प्रशासन के दौरान रहे अनुशासन और कार्य-संस्कृति से वाकिफ हैं। उन्होंने कहा कि 'बहनजी' ने अपने कार्यकाल में जो काम किया, वह अभूतपूर्व है और ऐसा काम न तो अतीत में हुआ और न ही भविष्य में होने की संभावना है।
मायावती ने पार्टी मुख्यालय में संगठन के साथ लगभग दो घंटे तक बैठक की; एक महीने में यह ऐसी तीसरी बैठक थी। मायावती के परिवार में कथित अंदरूनी कलह के बाद ईशान आनंद की यह पहली सार्वजनिक उपस्थिति भी थी।