MLC चुनावों में NDA ने 16 सीटें हासिल कीं। जब PM मोदी ने बैलेट पेपर के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस पर तंज कसा, तो पवन खेड़ा ने नागपुर में BJP की हार और अभिजीत वंजारी की जीत की ओर इशारा करते हुए जवाब दिया।
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक - इन चार प्रमुख राज्यों में 28 सीटों के लिए MLC चुनाव हुए। BJP ने शानदार प्रदर्शन किया और NDA ने इन 28 में से 16 सीटें जीतीं। कांग्रेस केवल एक सीट जीत पाई - महाराष्ट्र के नागपुर से। इससे पहले, PM नरेंद्र मोदी ने 'X' (पहले ट्विटर) पर कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा था कि चुनाव बैलेट पेपर से होने के बावजूद कांग्रेस हार गई।
PM मोदी के ट्वीट के बाद, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने 'X' पर एक पोस्ट के जरिए पलटवार किया। बैलेट पेपर के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि "मोदी साहब" अपने ही लोकसभा क्षेत्र में MLC सीट हार गए। उन्होंने आगे बताया कि नागपुर में भी BJP हार गई और पूछा, "क्या आप बता सकते हैं कि नागपुर में कौन जीता?" गौरतलब है कि नागपुर से कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी विजयी रहे।
चार राज्यों के नतीजे
उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में MLC चुनावों के नतीजे मिले-जुले रहे। BJP के नेतृत्व वाले NDA ने 28 में से 16 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को केवल एक सीट मिली। कर्नाटक में, BJP-JD(S) गठबंधन ने सभी चार सीटें जीतीं। उत्तर प्रदेश में BJP और SP दोनों ने अपनी स्थिति मजबूत की, जबकि बिहार में RJD और जन सुराज पार्टी ने जीत हासिल की। महाराष्ट्र में, महायुति और MVA दोनों गठबंधनों ने दो-दो सीटें जीतीं।
MLC चुनाव, विधानसभा चुनावों से कैसे अलग होते हैं?
विधान परिषद के सदस्यों (MLC) का चुनाव अलग-अलग तरीकों से होता है, जो सीट की श्रेणी पर निर्भर करता है। 'स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों' (graduate constituencies) में पात्र पंजीकृत स्नातक वोट डालते हैं, जबकि 'शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों' (teachers' constituencies) में पात्र पंजीकृत शिक्षक अपना वोट डालते हैं। विधान परिषद की अन्य सीटें स्थानीय निकायों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, नामांकन और संविधान में बताए गए अन्य तरीकों से भरी जा सकती हैं।