बीजेपी नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस रैली का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं।
जेपी नड्डा ने 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा और 1 नवंबर को यह रैली आयोजित करने के फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में हो रहे इस आयोजन का इस्तेमाल राहुल गांधी सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के लिए कर रहे हैं, जबकि साथ ही वे देश को बदनाम करने की कोशिश भी कर रहे हैं। नड्डा ने 1 नवंबर को देश के लिए एक "काला दिन" बताया। उन्होंने सवाल किया कि विपक्ष ने रैली के लिए यही तारीख क्यों चुनी, और याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी ने अभी तक सिख समुदाय से माफी नहीं मांगी है।
नड्डा ने आगे कहा कि कांग्रेस सिख समुदाय के "जख्मों पर नमक छिड़कने" का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का "खूनी इतिहास" आज भी जिंदा है। साथ ही, उन्होंने पार्टी पर कारोबारी समुदाय की कमाई लूटने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
10,000 करोड़ रुपये का नुकसान
उन्होंने कहा कि इस रैली की वजह से 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होगा। नड्डा के अनुसार, विपक्ष का मकसद दिल्ली को ठप करना और राजधानी में अफरा-तफरी फैलाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत में "सत्ता परिवर्तन" का एजेंडा सफल नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत एक गणतंत्र है—एक ऐसी बात जिस पर उन्होंने राहुल गांधी को ध्यान देने के लिए कहा।
बीजेपी करेगी विरोध प्रदर्शन
'इंडिया' गठबंधन की रैली के विरोध में, बीजेपी ने भी आज एक विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। यह मार्च लगभग एक किलोमीटर लंबा होगा, जो हरि नगर बस डिपो से तिलक नगर मेट्रो स्टेशन तक जाएगा। यह मार्च सुबह 11:30 बजे शुरू होगा। इसमें बीजेपी नेता रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, मनजिंदर सिंह सिरसा और बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज शामिल होंगे। इस मार्च का नेतृत्व हरदीप सिंह पुरी करेंगे। मार्च से पहले, बीजेपी सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब में मीडिया को संबोधित करेंगे। उनके साथ दंगों के पीड़ितों के परिवार भी मौजूद रहेंगे। 'INDIA' गठबंधन की रैली और BJP के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए, पूरी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और लगभग 10,000 अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, रामलीला मैदान और उसके आसपास के इलाकों में 4,000 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।