रविवार को, 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन दिल्ली में एक मार्च और रैली आयोजित कर रहा है। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और "वोट चोरी" के आरोपों के खिलाफ विरोध जताना है।
"वोट चोरी" के आरोपों को लेकर विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन द्वारा दिल्ली में आयोजित इस रैली से पहले, विपक्षी नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास (10 राजाजी मार्ग) पर पहुंचने लगे हैं। वहां कई प्रमुख विपक्षी दलों के नेता इकट्ठा हो रहे हैं। इनमें एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले, कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला और प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राहुल गांधी और राज्यसभा सांसद संजय राउत शामिल हैं। इन नेताओं के पहुंचने के बाद, सभी बस से मार्च शुरू होने वाली जगह तक जाएंगे।
सुप्रिया सुले, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता वहां पहुंच चुके हैं।
खड़गे के आवास पर पहुंचने वाले अन्य नेताओं में नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी तथा भूपेश बघेल शामिल हैं। इनके अलावा, सुप्रिया सुले (एनसीपी-शरदचंद्र पवार), कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला और दीपा दासमुंशी, प्रियंका गांधी, तथा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी वहां मौजूद हैं।
इसके साथ ही, कांग्रेस की कुमारी शैलजा और सांसद मुकुल वासनिक, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, केरल के वी.डी. सतीसन, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डी. राजा भी खड़गे के आवास पर पहुंच चुके हैं। दिल्ली में अन्य विपक्षी नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं का आना लगातार जारी है।
यह मार्च दोपहर 12:00 बजे मिंटो रोड से शुरू होगा।
विपक्षी गठबंधन का यह मार्च दोपहर 12:00 बजे मिंटो रोड-कनॉट प्लेस चौराहे से शुरू होगा। यह मार्च अजमेरी गेट से होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा। इससे पहले, नेता खड़गे के आवास से बसों में सवार होकर मार्च के शुरुआती बिंदु तक जाएंगे। इसके बाद रामलीला मैदान में एक रैली आयोजित की जाएगी, जिसे गठबंधन के वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे।
'वोट चोरी' और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप
यह रैली चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) और विपक्ष द्वारा लगाए गए 'वोट चोरी' के आरोपों के विरोध में आयोजित की जा रही है। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की है। उनका आरोप है कि SIR प्रक्रिया मतदाताओं के अधिकारों का हनन कर रही है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया है।
एक दिन पहले, शनिवार को खड़गे के आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' (public impeachment) कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस सत्र की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। खड़गे ने एक प्रस्ताव पेश किया, जिसे चर्चा के बाद पारित कर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाषण दिया।
10 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद; सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रामलीला मैदान में रैली की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। विपक्षी नेताओं के लिए एक मुख्य मंच बनाया गया है, जिस पर तिरंगे के रंगों वाला एक बड़ा शेड (कैनोपी) लगाया गया है। गठबंधन की राज्य इकाइयों के प्रतिनिधियों के लिए एक अलग मंच तैयार किया गया है। 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के नेताओं को 10 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद है, जबकि दिल्ली पुलिस का अनुमान है कि लगभग 50,000 लोग आ सकते हैं। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ-साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। रामलीला मैदान को 14 जोन में बांटा गया है और निगरानी के लिए 200 से अधिक CCTV कैमरों के साथ-साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
रैली के मद्देनजर, रविवार को सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक पर पाबंदियां रहेंगी। विपक्षी गठबंधन ने छात्रों, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों और नागरिक समाज के सदस्यों से भी इस मार्च और रैली में शामिल होने की अपील की है। कुछ छात्र संगठनों ने भी इस कार्यक्रम को अपना समर्थन दिया है।